इदरीश मोहम्मद, पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना के मझगांय बांध में बढ़ते जलस्तर के साथ ग्रामीणों का आशियाना और भविष्य डूबने की कगार पर है, लेकिन प्रशासनिक अमला नदारद है। विस्थापन और लंबित मुआवजे की अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों ने जय किसान संगठन के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में ‘चिता आंदोलन’ छेड़ रखा है, जो आरोप है कि आंदोलन को दबाने के लिए प्रभावित वनहरी के टपरियन गाँव की बिजली काट दी गई है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
अमित भटनागर का कहना है कि यह लड़ाई केवल घर बचाने की नहीं, बल्कि विस्थापितों के अधिकार और इंसानियत की है। ग्रामीण पारदर्शी सर्वे, त्वरित पुनर्वास और मुआवजे में चल रहे भ्रष्टाचार की जांच की मांग कर रहे हैं। आंदोलन को जिला कांग्रेस कमेटी का भी खुला समर्थन मिला है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को घेरते हुए मांगों को जायज ठहराया। जय किसान संगठन की नेता दिव्या अहिरवार और हिसाबी राजपूत ने चेतावनी दी है कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र और व्यापक बनाया जाएगा।
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