कुंदन कुमार, पटना। बिहार की सियासत और छात्र राजनीति में एक बार फिर युवा पीढ़ी यानी ‘जेन-जी’ (Gen-Z) के तेवर देखने को मिलने वाले हैं। आगामी 6 सितंबर को राजधानी पटना के एसके मेमोरियल हॉल में आइसा (AISA) के बैनर तले एक बड़ा छात्र सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों से युवा जुटेंगे और आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे।

​’जेन-जी राइजिंग’ बिहार चैप्टर का आगाज

जेन-जी राइजिंग बिहार चैप्टर के तहत होने वाले इस सम्मेलन को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। जिस तरह से दिल्ली से इस तरह के आंदोलनों की शुरुआत हुई और उसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दी, वैसी ही सुगबुगाहट अब बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी तेज हो गई है। छात्र संगठन इस मंच के जरिए अपनी ताकत दिखाने और हुक्मरानों तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी में है।

​दिग्गज वक्ता और आंदोलन के चेहरे होंगे शामिल

इस ऐतिहासिक सम्मेलन में देश और राज्य के कई जाने-माने चेहरे शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, जेएसएससी (JSSC) आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहीं हबीबा, जंतर-मंतर पर आवाज उठाने वाले इरफान, तथा प्रसिद्ध प्रोफेसर व व्यंग्यकार डॉ. मुंडेसा विशेष रूप से पहुंचेंगे और युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।

​पुलिसिया कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था पर उठेगी तीखी आवाज

कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए आइसा की राज्य उपाध्यक्ष सबा आफरीन ने बताया कि यह सम्मेलन सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ युवाओं का रोष है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मंच पर बीपीएससी (BPSC) और बीएसएससी (BSSC) के मुद्दों के साथ-साथ राज्य की बदहाल स्कूल व्यवस्था, विश्वविद्यालयों की स्थिति और विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर हो रही पुलिसिया मारपीट जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी। सरकार की पुलिसिया व्यवस्था और दमनकारी नीतियों के खिलाफ इस सम्मेलन से जोरदार आवाज गूंजेगी। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न हिस्सों में दमन का शिकार हुए या आवाज उठाने वाले अन्य लोगों को भी इस महासम्मेलन में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है ताकि उनकी पीड़ा को साझा किया जा सके और एक मजबूत सामूहिक रणनीति बनाई जा सके।