पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली शराब बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया है। बैरिया बस स्टैंड के पास पिलर नंबर 187 के समीप सुनसान इलाके में संचालित इस अवैध अड्डे से विभाग ने तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में कच्चा स्पिरिट, रैपर, ढक्कन और शराब बनाने व पैकिंग करने वाले अत्याधुनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।

​गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

​उत्पाद निरीक्षक सुनील साह के नेतृत्व में विभाग की टीम ने इस सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया। विभाग को पिछले काफी समय से यह गुप्त सूचना मिल रही थी कि बैरिया बस स्टैंड के पास स्थित एक सुनसान इलाके में बड़े पैमाने पर मिलावटी और नकली शराब तैयार की जा रही है। इस सूचना की सत्यता की पुष्टि और गहन रेकी करने के बाद, उत्पाद विभाग की टीम ने गुरुवार को अचानक उस ठिकाने पर धावा बोल दिया, जिससे अवैध कारोबारियों को संभलने का मौका नहीं मिला।

​छापेमारी में भारी मात्रा में सामग्री और उपकरण जब्त

​फैक्ट्री परिसर के अंदर प्रवेश करते ही उत्पाद विभाग की टीम को बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियों के साक्ष्य मिले। मौके से भारी मात्रा में कच्चा स्पिरिट, विभिन्न ब्रांडों के रैपर, बोतलों के ढक्कन और शराब की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण जब्त किए गए। उत्पाद अधिकारियों का अनुमान है कि बरामद किए गए इस कच्चे स्पिरिट से बाजार में खपाने के लिए भारी मात्रा में नकली शराब तैयार की जानी थी, जिसे त्योहारों या अन्य मौकों पर बड़े पैमाने पर बेचा जाना तय माना जा रहा था।

​तीन आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

​इस छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मणिकांत, अजीत कुमार और मोहम्मद अख्तर के रूप में हुई है। सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से खुफिया सूचना पर आधारित थी, जो बेहद सफल रही। फिलहाल गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध धंधे में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

​सप्लाई नेटवर्क और संचालन अवधि की गहराई से जांच

​उत्पाद विभाग अब इस बात की तह तक जाने में जुटा है कि यह अवैध फैक्ट्री पिछले कितने समय से इस सुनसान इलाके में संचालित हो रही थी। इसके साथ ही, इस ठिकाने पर तैयार की जाने वाली नकली शराब की सप्लाई पटना शहर और उसके आसपास के किन-किन इलाकों में की जाती थी, इसका भी पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के पीछे एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है, जिसके अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।