कुंदन कुमार/ पटना। राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए इसे तानाशाही रवैया करार दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने बिहार की राजनीति और आगामी चुनावों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मौजूदा व्यवस्था पर भी कड़े सवाल उठाए हैं।
जंतर-मंतर लाठीचार्ज और युवाओं का आक्रोश
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले, छात्रों का भविष्य और युवाओं की बढ़ती बेरोजगारी अब ऐसे मुद्दे बन चुके हैं जिन्हें कोई भी सरकार लंबे समय तक दबा नहीं सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि देश का युवा अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुका है और इस तरह के दमनकारी कदमों से उनका गुस्सा शांत होने वाला नहीं है, बल्कि यह और अधिक तीव्र होगा।
बिहार और बांकीपुर की जनता का मूड: सम्राट चौधरी पर सवाल
बिहार के संदर्भ में बात करते हुए प्रशांत किशोर ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर और पूरे बिहार की जनता ने अब यह मन बना लिया है कि सम्राट चौधरी भविष्य में मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें स्वीकार्य नहीं हैं। जनता बदलाव चाहती है और मौजूदा नेताओं की कार्यशैली से पूरी तरह त्रस्त आ चुकी है।
प्रशांत किशोर के इन बयानों से साफ है कि आने वाले दिनों में बेरोजगारी, पेपर लीक और नेतृत्व का मुद्दा बिहार और राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहने वाला है। युवाओं का असंतोष और जनता का मिजाज सत्ताधारी दलों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।


