रांची। झारखंड में JPSC भर्ती घोटाले की जांच कर रही CID का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। शुक्रवार को मामले में अहम कार्रवाई करते हुए TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी को जेल भेज दिया गया। पूछताछ के लिए दूसरी बार ली गई रिमांड पूरी होने के बाद CID ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजा।
कई आरोपियों से पूछताछ जारी
अभय तिवारी की रिमांड खत्म होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया, लेकिन मामले की जांच में पूछताछ का सिलसिला जारी है। JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार के अलावा TDPL के कर्मचारी प्रदीप और संजय से भी CID ने शुक्रवार को पूछताछ की।
तीनों को शनिवार तक रिमांड पर लिया गया है। वहीं, दो दिन पहले गिरफ्तार किए गए कोचिंग संचालक रवि को भी शनिवार को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी CID ने पूरी कर ली है।
सफल अभ्यर्थी भी जांच के दायरे में
JPSC CGL परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ का सिलसिला भी लगातार चल रहा है। शुक्रवार को 25 से ज्यादा सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई। जांच एजेंसी अब तक सवा चार सौ से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
CID पूछताछ के दौरान सामने आ रही जानकारियों और तथ्यों को आधार बनाकर संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच में जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध मिल रही है, उनके खिलाफ आगे कार्रवाई की जा रही है।



