अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए महासचिव महंत गोविंद देव गिरि ने शुक्रवार (4 सितंबर 2026) को राम मंदिर की नई व्यवस्था और चढ़ावा विवाद को लेकर कई अहम बातें कहीं. उन्होंने पूर्व महासचिव चंपत राय के कार्यकाल को लेकर कहा कि जिम्मेदारी निभाने में कुछ खामियां हुईं, तभी चढ़ावा चोरी जैसी घटना सामने आई.

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चंपत राय को बताया निष्कलंक

महंत गोविंद देव गिरि ने कहा कि चंपत राय निष्कलंक हैं और वह शुरू से यह बात कहते रहे हैं. उनके मुताबिक चंपत राय का सरल स्वभाव और लोगों पर सहज भरोसा करना उनके लिए नुकसानदेह साबित हुआ. उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर चंपत राय ने भरोसा किया, उन्हीं में से कुछ ने कथित तौर पर उन्हें धोखा दिया.

‘चोरी छोटी थी, लेकिन बखेड़ा बड़ा हुआ’

चढ़ावा चोरी के मामले पर गोविंद देव गिरि ने कहा कि चोरी छोटी थी, लेकिन इसे लेकर बड़ा बखेड़ा खड़ा किया गया. उन्होंने इसके पीछे किसी षड्यंत्र की आशंका जताते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके.

मंदिर की व्यवस्था में होंगे बदलाव

महंत ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त CEO एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा अयोध्या में हैं और मंदिर की व्यवस्थाओं समेत दूसरे विषयों की जानकारी ले रहे हैं. शनिवार सुबह से आरती की व्यवस्था में भी बदलाव होगा और श्रृंगार आरती के दौरान रामलला के सामने पदगान किया जाएगा.

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CEO और महासचिव में नहीं होगा मतभेद

गोविंद देव गिरि ने कहा कि राम मंदिर परिसर में सभी देवी-देवताओं के मंदिर हैं और उनके प्रमुख पर्वों पर उत्सव आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि CEO और महासचिव के बीच मंदिर की व्यवस्था को लेकर कोई मतभेद नहीं होगा. ट्रस्ट व्यवस्था तय करेगा, जबकि CEO उसे लागू कराने और मंदिर का कुशल संचालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाएंगे.