अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। बिहार के सासाराम में अवर निबंधन कार्यालय के समक्ष रोहतास जिला दस्तावेज नवीश (ताईद) संघ से जुड़े सदस्यों ने सरकार की नई पेपरलेस और ई-निबंधन प्रणाली के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। संघ का कहना है कि जब तक इस नई प्रणाली की तकनीकी कमियों को दूर नहीं किया जाता और पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
क्या हैं विरोध के मुख्य कारण?
बिहार राज्य दस्तावेज नवीश संघ के बैनर तले हो रहे इस प्रदर्शन का मुख्य कारण नई प्रणाली में मौजूद कथित खामियां हैं।
- पारदर्शिता का अभाव: संघ के जिलाध्यक्ष अशोक यादव का कहना है कि पुरानी प्रणाली बेहद पारदर्शी थी, जिसमें जमीन के खरीदार (क्रेता) और विक्रेता दोनों सीधे तौर पर उपस्थित होते थे।
- रोजगार पर संकट: ई-निबंधन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से सासाराम अवर निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिससे दस्तावेज नवीशों की रोजी-रोटी पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
- तकनीकी खामियां: संघ का आरोप है कि निबंधन पोर्टल के माध्यम से लाई गई वर्तमान पेपरलेस व्यवस्था में कई व्यावहारिक और तकनीकी त्रुटियां हैं, जिन्हें ठीक किया जाना जरूरी है।
पटना बैठक के बाद तेज हुआ आंदोलन
प्रदर्शनकारियों ने जानकारी दी कि चार दिन पहले उनके राज्य स्तरीय संगठन की पटना में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। उसी बैठक में लिए गए निर्णयों और दिशा-निर्देशों के आलोक में रोहतास जिले में यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। दस्तावेज नवीशों का स्पष्ट कहना है कि वे डिजिटल बदलाव के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे उन दोषपूर्ण और जल्दबाजी में लागू की गई प्रक्रियाओं का विरोध कर रहे हैं जो आम जनता और उनके पेशे दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो रही हैं। जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती, तब तक उनका यह विरोध विभिन्न रूपों में जारी रहेगा।

