अनिल मालवीय, सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में लापरवाही के चलते एक बार फिर मासूम बच्चों और ग्रामीणों की जान दांव पर लगा दी गई। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से चरनाल गांव का नाला उफान पर है और पानी पुल के ऊपर से तेज बहाव के साथ बह रहा है। इसके बावजूद मजबूरी और बेबसी के चलते ग्रामीण और स्कूली बसों के चालक अपनी जान हथेली पर रखकर इस उफनते नाले को पार कर रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मौके पर न तो आवागमन रोकने के लिए कोई बैरिकेडिंग की गई है और न ही सुरक्षा के लिए किसी गार्ड या पुलिसकर्मी की तैनाती हुई है।
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मौत के मुहाने पर मासूम: बिना सुरक्षा इंतजाम के गुजर रहीं गाड़ियां
चरनाल गांव के स्थानीय निवासियों में प्रशासन की इस अनदेखी को लेकर भारी जनाक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजमर्रा के राशन, खेती-किसानी के काम और मेडिकल इमरजेंसी के चलते वे इस खतरनाक नाले को पार करने पर मजबूर हैं।
मामले में कई बार गुहार लगाने और संबंधित अधिकारियों को इस गंभीर खतरे से वाकिफ कराने के बावजूद प्रशासन नींद से नहीं जागा है। उफनते पानी के बीच से गुजरते वाहन साफ इशारा कर रहे हैं कि यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
तुरंत बंद हो आवागमन, लगे बैरिकेड्स- ग्रामीण
आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक नाले का जलस्तर कम नहीं होता, तब तक तत्काल प्रभाव से इस रास्ते पर आवागमन पूरी तरह रोका जाए। पुल के दोनों ओर मजबूत बैरिकेडिंग की जाए और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाए। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के आने-जाने के लिए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते का इंतजाम किया जाए।
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शिक्षा विभाग का रटा-रटाया जवाब: ‘मामला संज्ञान में है…’
जब इस संवेदनशील मामले में शिक्षा विभाग के डीपीसी आर.आर. उइके से बात की गई तो उन्होंने हमेशा की तरह वही रटा-रटाया जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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