कुंदन कुमार, पटना। सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुए AK-47 फायरिंग समेत अन्य मुद्दों को लेकर कल 19 अगस्त बुधावर को राजद ने राजभवन मार्च का ऐलान किया है। इस बीच आज मंगलवार 18 अगस्त को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान AK-47 फायरिंग, पेपर लीक, बेरोजगारी समेत अन्य मुद्दों को लेकर बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा।
किसके आदेश पर चली AK-47?
तेजस्वी यादव ने कहा कि, कई दिनों से लगातार यह सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर किसके आदेश पर AK-47 से गोली चलाने का निर्देश दिया गया था? उनका कहना है कि मुख्यमंत्री से लेकर बड़े अधिकारियों तक से इस सवाल का जवाब मांगा गया, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।
सरकार की जवाबदेही पर उठाया सवाल
तेजस्वी ने दावा किया कि पेपर लीक के विरोध में पूरे बिहार में आंदोलन हुआ और कई जगह छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि कई छात्र घायल हुए और कुछ छात्रों को गोली भी लगी। उन्होंने खुद घायल छात्रों से मुलाकात का भी दावा किया। तेजस्वी ने राज्यसभा में प्रधानमंत्री के कथित बयान और बिहार सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे को लेकर भी सवाल उठाया। उनका आरोप है कि दोनों जगहों पर गोली चलने को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं, जिससे सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़ा होता है।
सिर्फ एक सिपाही को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं- तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि, जिन छात्रों को गोली लगी, उनसे मिलने या उनकी स्थिति जानने के लिए सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी के आदेश के कोई सिपाही AK-47 जैसे हथियार का इस्तेमाल कैसे कर सकता है। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई और कहा कि सिर्फ एक सिपाही को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है।
पेपर लीक का भी उठाया मुद्दा
तेजस्वी यादव ने फिर से दोहराते हुए कहा कि, असली सवाल यह है कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया और उस आदेश की जिम्मेदारी किसकी है? पेपर लीक के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि, बिहार में मैट्रिक, इंटर, बीपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार पेपर लीक के आरोप सामने आते रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पेपर लीक क्यों होता है? इसके पीछे कौन लोग हैं? और इतने लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं कर पाई? तेजस्वी यादव ने कहा कि, बिहार बेरोजगारी के साथ-साथ पेपर लीक की समस्या से भी जूझ रहा है और सरकार को इन सवालों का जवाब बिहार की जनता को देना चाहिए।
ये भी पढ़ें- Bihar Breaking: TRE-4 शिक्षक भर्ती का इंतजार खत्म, BPSC ने जारी किया विज्ञापन


