हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर में अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस ने बड़ी चोट करते हुए करीब 90 लाख रुपये बाजार मूल्य की शराब से भरा एक ट्रक पकड़ लिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि ट्रक चला रहा चालक खुद शराब के नशे में धुत मिला। जब पुलिस ने दस्तावेज खंगाले तो सामने आया कि शराब जिस रास्ते से सागर पहुंचनी थी, वह रास्ता छोड़कर ट्रक इंदौर में दाखिल हो चुका था। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह शराब रास्ता बदलकर कहां पहुंचाई जानी थी? क्या इंदौर में इसकी अवैध खपत या सप्लाई की तैयारी थी? पुलिस इसी एंगल पर गहराई से जांच कर रही है। मामला मल्हारगंज थाना क्षेत्र का है।
चालक के शरीर में 91.4 एमजी/100 एमएल अल्कोहल मिला
बड़ा गणपति चौराहे पर नियमित वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक आयशर ट्रक को रोका। चालक की हालत संदिग्ध लगी तो ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। रिपोर्ट में उसके शरीर में 91.4 एमजी/100 एमएल अल्कोहल मिला। इसके बाद जब ट्रक की तलाशी ली गई तो पुलिस भी दंग रह गई। वाहन में गोवा व्हिस्की की 1200 पेटियां और गोवा रम की 300 पेटियां, यानी कुल 1500 पेटी शराब भरी हुई थी।
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आरोपी की पहचान सुमित गौर (32), निवासी रायसेन
इसकी बाजार कीमत करीब 90 लाख रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान सुमित गौर (32), निवासी रायसेन के रूप में बताई। उसने दावा किया कि शराब धार जिले की फैक्ट्री से सागर ले जाई जा रही थी, लेकिन परिवहन परमिट की जांच में साफ हो गया कि वाहन निर्धारित मार्ग से हटकर दूसरे रास्ते से इंदौर पहुंच गया था। यही तथ्य अब पुलिस की जांच का सबसे बड़ा आधार बन गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या शराब को बीच रास्ते में किसी अवैध ठिकाने पर उतारने की साजिश थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
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संभावित डिलीवरी प्वाइंट की जांच
आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस इस पूरे मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ अवैध परिवहन का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क भी हो सकता है। इसी वजह से परिवहन परमिट, रूट और संभावित डिलीवरी प्वाइंट की बारीकी से जांच की जा रही है।
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