फतेहपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को फतेहपुर में 489 करोड़ से अधिक की 125 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले फतेहपुर प्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों में गिना जाता था, क्योंकि विकास के लिए आने वाले धन की लूट मची हुई थी.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहपुर की योजनाओं का पैसा विकास पर खर्च होने के बजाय “सैफई सिंडिकेट” के जरिए नाच-गानों और विदेश दौरों पर खर्च किया जाता था. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में सरकारी नौकरियों में भी भ्रष्टाचार होता था और भर्ती प्रक्रिया में मेरिट की अनदेखी की जाती थी. वर्ष 2012 से 2017 के बीच हुई अधिकांश भर्तियां विवादों में रहीं, जबकि उनकी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के नौजवानों को 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई हैं.

मुख्यमंत्री ने पेपर लीक और नकल माफिया के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जिन्होंने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वही आज छात्रों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने छात्रों के हित में नकल माफिया के खिलाफ कड़े कानून का फैसला किया है. उनके अनुसार, प्रस्तावित कानून में दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

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उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी नकल माफिया के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. जो भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ जेल के साथ-साथ अवैध संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी होगी. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि डबल इंजन सरकार की पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के कारण ही लाखों युवाओं को बिना भेदभाव के सरकारी नौकरी मिल सकी है.