लखनऊ. अखिलेश यादव की पीडीए (पहाड़ी, देसी, अल्पसंख्यक) रणनीति के चलते उत्तराखंड में पार्टी का लगातार विस्तार हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में पूरी तरह विफल हो चुकी है और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए धर्म की राजनीति कर रही है. अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार किए जा रहे हैं और उनके धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाकर हिंदूवादी होने का ढोंग किया जा रहा है.
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. मुख्यमंत्री आवास के निकट दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं, जो सरकार की विफलता का प्रमाण है. रुद्रपुर में 100 वर्ष पुरानी नमाज अदा करने की जगह को तोड़ा जाना अत्यंत निंदनीय है. उन्होंने याद दिलाया कि राज्य निर्माण आंदोलन में सबसे पहले खटीमा में सलीम अहमद ने गोली खाई थी, जिसे भाजपा नेता भूल चुके हैं.
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अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा कोई ठोस विकास कार्य नहीं किया गया और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए वे अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि गुलरभोज क्षेत्र में सैकड़ों वर्षों से निवास कर रहे लोगों को उजाड़ा जा रहा है, जो अन्यायपूर्ण है.



