पश्चिम एशिया में लगभग तीन महीने से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में प्रगति के संकेत मिले हैं। एक्सियोस न्यूज के मुताबिक, दोनों देश 60 दिन के युद्धविराम समझौते के बेहद करीब हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समझौते के तहत होर्मुज को फिर से खोला जाएगा, ताकि तेल के जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके। रिपोर्ट के अनुसार ईरान इस दौरान होर्मुज में लगाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने पर भी सहमत हो सकता है। इसके बदले अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी रोक में ढील देगा और कुछ प्रतिबंधों में राहत देकर ईरान को खुलकर तेल बेचने की इजाजत दे सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते में ईरान यह वादा भी करेगा कि वह कभी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा। साथ ही यूरेनियम एनरिच्ड प्रोग्राम को सीमित करने और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को हटाने पर बातचीत होगी।
ईरान पर हमला करेगा अमेरिका?
ऐसी खबरें हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी समय ईरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं। इसके लिए उन्होंने सप्ताहांत की छुट्टियां भी रद कर दी हैं और अपने बेटे की शादी में भी शामिल होने से इन्कार कर दिया। ईरान ने भी युद्ध की आहट के बीच अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है।
एएनआइ के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने बताया कि तेहरान फिलहाल एक समझौता मसौदे (मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग) को अंतिम रूप देने पर काम कर रहा है। इस मसले पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाकर गलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची की बैठक के बाद ये जानकारी सामने आई।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, आसिम मुनीर ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी मुलाकात की। पाकिस्तान की सेना ने कहा कि पिछले 24 घंटों की बातचीत में “उत्साहजनक प्रगति” हुई है और दोनों पक्ष किसी अंतिम समझ की दिशा में बढ़ रहे हैं। प्रेट्र के अनुसार, भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी माना कि ईरान संग वार्ता में कुछ प्रगति हुई है।
रुबियो ने क्या कहा?
वहीं इस मुद्दे पर नई दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “बातचीत लगातार जारी है। संभव है कि आज, कल या अगले कुछ दिनों में हमारे पास इस मुद्दे पर कुछ महत्वपूर्ण कहने के लिए हो।”ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी संकेत दिए कि हाल के दिनों में मतभेद कम हुए हैं।
हालांकि उन्होंने कहा कि अभी कुछ मुद्दों पर मध्यस्थों के जरिए चर्चा जारी है और अगले तीन-चार दिनों में स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत का केंद्र ईरान की ओर से प्रस्तावित 14 सूत्रीय दस्तावेज है, जिसे तेहरान वार्ता का मुख्य आधार मान रहा है।
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