वाराणसी. काशी में 40 वर्षीय डॉक्टर डॉ. शुभंकर गौतम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. उनका शव शनिवार (12 सितंबर 2026) रात हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के कैंपस स्थित कमरे में मिला. वह करीब तीन साल से अस्पताल में यूरोलॉजिस्ट के तौर पर कार्यरत थे. पुलिस ने कमरे को सील कर जांच शुरू कर दी है.

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डॉ. शुभंकर ने शनिवार सुबह अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को देखा था. इसके बाद वह कैंपस में स्थित अपने कमरे में चले गए. बताया जा रहा है कि शाम को उनकी पत्नी से फोन पर बातचीत हुई थी. इसके बाद वह कुछ समय के लिए अस्पताल गए और फिर अपने कमरे में लौट आए.

मेस नहीं पहुंचे तो साथियों को हुआ शक

रात करीब 10 बजे तक जब शुभंकर हॉस्टल मेस में खाना खाने नहीं पहुंचे तो साथी डॉक्टरों ने उन्हें फोन किया. फोन नहीं उठने पर डॉक्टर सुरक्षा गार्ड के साथ उनके कमरे तक पहुंचे. काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने के बाद उसे तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया. वहां डॉक्टर का शव बेड पर मिला.

कमरे से संदिग्ध सामग्री बरामद

सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. जांच के दौरान कमरे से कुछ मेडिकल सामग्री और दवा की खाली शीशी बरामद होने की बात सामने आई है. पुलिस ने मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम और जांच के बाद स्पष्ट होगी.

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पटना के रहने वाले थे डॉक्टर

डॉ. शुभंकर मूल रूप से पटना के रहने वाले थे. उनकी करीब पांच साल पहले शादी हुई थी और वह वाराणसी में अकेले रहते थे. साथी डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से वह परेशान नजर आ रहे थे और उनके व्यवहार में भी बदलाव आया था. पुलिस परिवार और अस्पताल के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है. परिवार के वाराणसी पहुंचने के बाद पुलिस उनके बयान भी दर्ज करेगी.