वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के बिहार थाना क्षेत्र के थवई मोहल्ले में 11 हजार वोल्ट हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। करंट की चपेट में आए एक किशोर को बचाने के प्रयास में एक महिला और उसके दो बेटे समेत कई लोग झुलस गए। इस हादसे में 24 वर्षीय फिरोज की इलाज के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई। घटना के बाद सदर अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि थवई मोहल्ले में घरों के छज्जों के बेहद करीब से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजरती है। मोहम्मद महताब का बेटा सागर छत पर बैठा था, तभी उसका हाथ अचानक हाईटेंशन तार से छू गया और वह करंट की चपेट में आ गया। हादसे में सागर का बायां हाथ गंभीर रूप से झुलस गया तथा उसकी उंगलियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
घायल महिला रौशन खातून ने बताया कि सागर को बचाने के लिए वह दौड़ीं। इसके बाद उनके बेटे फिरोज और राजा भी मदद के लिए पहुंचे, लेकिन एक-एक कर सभी करंट की चपेट में आ गए। मोहल्ले के लोगों ने तत्काल ट्रांसफार्मर से बिजली की सप्लाई बंद कराई, जिससे और बड़ा हादसा टल गया।
सभी घायलों को बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए फिरोज को हायर सेंटर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अन्य घायलों को भी बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
फिरोज की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सदर अस्पताल में डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब एक घंटे तक हंगामा किया। सूचना मिलते ही सदर डीएसपी-1 के नेतृत्व में बिहार और लहेरी थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अस्पताल परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ये भी पढ़ें- बांका में आकाशीय बिजली का कहर: पिता-पुत्र समेत 5 लोगों की मौत, 4 लोग झुलसे


