ज्योतिष में 27 नक्षत्रों को जीवन का सूक्ष्म आधार कहते है। ये नक्षत्र तब बनते हैं, जब चंद्रमा आकाश के अलग-अलग तारामंडलों से गुजरता है, जैसा कि ज्योतिष में बताया गया है लगभग हर 24 घंटे में चंद्रमा एक नक्षत्र बदलता है। इसलिए हर दिन का नक्षत्र अलग होता है।

पंचांग या कैलेंडर देखकर यह आसानी से जाना जा सकता है कि किस दिन कौन-सा नक्षत्र प्रभावी है। मान्यता है कि यदि इन नक्षत्रों के अनुसार, सही समय पर विशेष उपाय किए जाएं तो धन, संतान, सफलता और सुख से जुड़ी समस्याओं में आश्चर्य जनक लाभ मिलता है।

1.अश्विनी नक्षत्र (चंद्रमा मेष राशि के प्रारंभ में)

यह नक्षत्र तेजी और नए आरंभ का प्रतीक है । इस दिन अपामार्ग की जड़ को साफ पानी से धोकर लाल या काले धागे में बांधकर तावीज की तरह दाहिने हाथ या गले में धारण करें। माना जाता है कि इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास और आकर्षण बढ़ता है। वहीं संतान की इच्छा रखने वाली महिला को एक ही रंग की गाय के दूध में 3 या 5 बेलपत्र डालकर सुबह खाली पेट पिलाया जाए, तो संतान प्राप्ति के योग मजबूत होते है ।

2.भरणी नक्षत्र (मेष के मध्य भाग में)

यह नक्षत्र रहस्य और गुप्त बातों से जुड़ा माना जाता है। अगर घर में चोरी हुई हो, तो नागर बेल का पत्ता लाकर उस पर हल्का कत्था लगाएं, एक साबुत सुपारी रखकर उसे उसी स्थान पर रखें, जहां चोरी हुई थी। मान्यता है कि कुछ दिनों में चोरी से जुड़ा सुराग मिलने लगता है। इसी तरह यदि अपनी तरफ किसी को आकर्षित करना है तो संखाहुली की जड़ को तावीज में डालकर पहनना लाभकारी माना गया है।

3.कृत्तिका नक्षत्र (मेष-वृषभ संधि)

यह अग्नि तत्व का नक्षत्र है । इस दिन सुबह-शाम घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता बढ़ती है ।

4.रोहिणी नक्षत्र (वृषभ राशि में चंद्रमा)

यह सबसे शुभ और समृद्धि देने वाला नक्षत्र होता है। इस दिन मां लक्ष्मी को लाल फूल, चावल और मिठाई अर्पित करे । यदि संभव हो तो शंखपुष्पी का फूल चांदी की डिब्बी में रखकर तिजोरी में रख दे, मान्यता है कि इससे धन में स्थिर वृद्धि होती है।

5.मृगशीर्ष नक्षत्र

धन और मानसिक शांति के लिए इस दिन भगवान शिव को जल अर्पित करें। मृगशीर्ष नक्षत्र के समय तिजोरी में सुगंधित फूल रखें। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

6.आर्द्रा नक्षत्र (मिथुन में)

यह नक्षत्र संघर्ष और परिवर्तन का संकेत देता है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता के लिए आक की जड़ को काले धागे में बांधकर गले में धारण करें । इसे धारण करते समय मन में विजय की कामना जरूर करें। देखेंगे कि कुछ दिनों में ही आपको परेशान इयोन से राहत मिलना शुरू हो जाएगी।

7.पुनर्वसु नक्षत्र

यह पुनः सुख और समृद्धि लौटाने वाला नक्षत्र माना जाता है। दूधी (लौकी) की जड़ लाकर स्नान के बाद हल्का सा स्पर्श शरीर से कराएं या घर में रखें। आप खुद महसूस करेंगे इससे घर में शांति और सुख का वातावरण बन रहा है।

8.पुष्य नक्षत्र (कर्क राशि में चंद्रमा)

इसे सर्वश्रेष्ठ शुभ नक्षत्र कहा जाता है। इस दिन सोना-चांदी खरीदना, निवेश करना या तिजोरी में नई वस्तु रखना बेहद शुभ होता है । इस दिन शंखपुष्पी या हल्दी की गांठ तिजोरी में रखने से धन वृद्धि के योग बनते है।

9.हस्त, स्वाती, अनुराधा और श्रवण नक्षत्र

हस्त में दान-पुण्य, स्वाती में व्यापार शुरू करना, अनुराधा में संबंध सुधारना और श्रवण में शिक्षा या नया ज्ञान अर्जित करना विशेष फल और लाभ देता है।

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ज्योतिष के अनुसार, नक्षत्र तभी प्रभावी होते हैं जब चंद्रमा उस विशेष तारामंडल में होता है। इसलिए सही नक्षत्र और सही विधि से किया गया उपाय ही पूर्ण फल देता है। ध्यान रखें…इन उपायों को पूरी श्रद्धा, साफ-सफाई और सकारात्मक सोच के साथ करना जरूरी है।

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