लखनऊ. सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए अब फोकस सिर्फ बच्चों तक किताबें पहुंचाने पर नहीं, बल्कि शिक्षक कक्षा में जाने से पहले कितनी बेहतर तैयारी कर पा रहे हैं, इस पर भी है. इसी दिशा में योगी सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में प्रदेश के सभी 75 जिलों के शिक्षकों के लिए संदर्शिका और शिक्षक डायरी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है.

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि बेहतर कक्षा की शुरुआत बेहतर तैयारी से होती है. सरकार का प्रयास है कि शिक्षक को पाठ की तैयारी से लेकर कक्षा में उसके प्रभावी क्रियान्वयन तक जरूरी शैक्षिक सहयोग मिले. इस पहल का असली लक्ष्य कागज पर संसाधन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उसका असर कक्षा में बच्चों की पढ़ाई और सीखने के स्तर पर दिखाई देना है.

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स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि कक्षा 1 से 5 तक हिंदी और गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों को ये शैक्षिक संसाधन दिए जाएंगे. इसके लिए 338.54 लाख रुपये यानी करीब 3.39 करोड़ रुपये की लिमिट जारी की गई है. इसके अलावा कक्षा 6 से 8 तक के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एलईपी मद में 42.61 लाख रुपये अलग से जारी किए गए हैं.

शिक्षक को मिलेगा ‘क्लास प्लान’ तैयार करने में सहारा

संदर्शिका का उद्देश्य शिक्षक को सिर्फ पाठ पढ़ाने के बजाय उसे बच्चों के स्तर के मुताबिक समझाने की रणनीति तैयार करने में मदद करना है. वहीं शिक्षक डायरी में दैनिक और साप्ताहिक शिक्षण गतिविधियों की योजना व्यवस्थित की जा सकेगी.

3.38 करोड़ का हिसाब भी तय

जारी 338.54 लाख रुपये में 172.35 लाख रुपये संदर्शिका की छपाई, 152.91 लाख रुपये शिक्षक डायरी और 13.27 लाख रुपये परिवहन के लिए निर्धारित किए गए हैं. वहीं उच्च प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षकों के लिए 42.61 लाख रुपये की अलग व्यवस्था की गई है, ताकि कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षक भी अतिरिक्त अकादमिक संसाधनों का इस्तेमाल कर सकें.

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समय पर स्कूल पहुंचानी होगी सामग्री

महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने संदर्शिका और शिक्षक डायरी को समय से विद्यालयों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही धनराशि का निर्धारित मद में इस्तेमाल, पीएफएमएस प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े बिल-वाउचर सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.