Tejashwi Yadav: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अब राजद के नए बॉस (राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष) बन गए हैं। आज रविवार (25 जनवरी) को हुए राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राजद सुप्रीमो लालू यादव ने तेजस्वी को पार्टी का नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का ऐलान किया। वे राजद के पहले राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने हैं। पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर तेजस्वी यादव की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- प्रिय साथियों , आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद जी के सानिध्य , मार्गदर्शन और निर्देशानुसार आज राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सम्मानित सदस्यों ने मुझे राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना है तो इस अवसर पर मैं भावुक हूं, अभिभूत हूं और आप सभी का और जनता मालिक का ऋणी हूं।
उन्होंने आगे लिखा- इस अवसर पर राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना करने वाले हर एक संस्थापक सदस्य को बलिहारी हूं तथा उनके त्याग, स्वाभिमान, निडर निर्भीक इरादों और कभी झुकने ना वाले साहस को याद करता हूं। तेजस्वी ने कहा कि, मैं विश्वास दिलाता हूं कि आदरणीय लालू जी ने ग़रीब, दलित, शोषित, पीड़ित, पिछड़े और वंचित समाज के जिन लोगों को बराबरी, न्याय और अधिकार दिलाने का बीड़ा उठाते हुए राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना की थी, उन सभी लोगो को हर दुख से निजात दिलाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
तेजस्वी ने कहा- आदरणीय लोहिया जी की नीतियों का स्मरण, जननायक कर्पूरी जी के विचारों का अनुसरण व लोकनायक जयप्रकाश जी के सिद्धांतों का अनुकरण हमेशा मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और रहेगी। संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के दिखाए रास्ते पर चलते हुए मैं राष्ट्रीय जनता दल के न्याय की अलख जगाने के मंच बनाऊंगा और क्रांतिदूत ज्योतिबा फुले जी से शिक्षा लेते हुए बिहार में ग़ैर बराबरी, अशिक्षा, बेरोजगारी और गरीबी के ख़िलाफ़ मरते दम तक लड़ाई लड़ता रहूंगा।
गांधी जी की अहिंसा, समाजवादियों की नीति, सुभाष चंद्र बोस जी का बल, चंद्रशेखर जी का प्रण, भगत सिंह जी का जोश-जज्बा और प्रतिज्ञा, अशफाक उल्ला ख़ान का देशप्रेम और सरदार वल्लभ भाई पटेल जी से अडिग इरादे रखते हुए मैं बिहार को उन्नति, प्रगति, समरसता, भाईचारा, एकता, अखण्डता और मानवीयता के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम करूंगा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, ये समय ऐसा है जब बिहार ही नहीं बल्कि देश और दुनिया में भी तानाशाही, हिंसा, साम्राज्यवाद और सामंतवाद चरम पर है। ये अग्निपरीक्षा है हम जैसे समानता और मानवता पर विश्वास रखने वाले लोगो की। लेकिन जैसा कि सर्वविदित है समय चाहे क्षणिक रूप में जिसके भी पक्ष में जाये अंत में जीत सत्य की ही होती है। इसी मंत्र को अंगीकार करते हुए हम सभी राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता देश के जनमानस को न्याय दिलाने के लिए एक साथ मिलकर, एकता की मिसाल बनकर अन्याय, हिंसा, उन्माद, शोषण, अत्याचार, तानाशाही, भेदभाव, ऊंच-नीच और गैरबराबरी जैसी हर कुरीति के ख़िलाफ़ एक होकर लड़ते रहेंगे और झूठ, छल, प्रपंच को बेनकाब करते रहेंगे।
तेजस्वी ने अंत में कहा- ये देश गांधी का देश है। ये बिहार जेपी-कर्पूरी-जगदेव-लालू के आंदोलन की धरती रही है, हम सांप्रदायिक ताकतों के विरुद्ध मिलकर लड़ेंगे, मिलकर भिड़ेंगे, मिलकर जीतेंगे। बिहार, देश और दुनिया को इन अवसरवादियों के चुंगल से मुक्त करा कर ही दम लेंगे। सत्य जितना परेशान होना था हो चुका है, अब सत्य की विजय का दौर शुरू होगा।
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