कुंदन कुमार/ पटना। बिहार के सियासी हलकों में यह खबर आग की तरह फैल रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद या उनके पुत्र निशांत कुमार राज्यसभा जा सकते हैं। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, पार्टी के भीतर इस पर मंथन का दौर अंतिम चरण में है। होली के ठीक बाद इस बड़े कदम के साथ जेडीयू अपनी भविष्य की रणनीति को नया मोड़ देने की तैयारी में है।
नामांकन के लिए कागजात तैयार
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नामांकन के लिए जरूरी दस्तावेजों की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। सूत्रों का दावा है कि नीतीश कुमार और निशांत कुमार, दोनों के ही नामांकन पेपर तैयार कराए जा रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि विकल्प खुले रखे गए हैं।
रणनीति: यदि नीतीश कुमार दिल्ली का रुख करते हैं, तो बिहार की सत्ता संरचना में भारी फेरबदल होगा।
निशांत की एंट्री: अगर उनके पुत्र निशांत कुमार का नामांकन होता है, तो यह बिहार की राजनीति में उनके आधिकारिक प्रवेश का संकेत होगा।
तमाम तैयारियों के बावजूद, अंतिम मुहर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ही लगानी है। पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच चर्चा है कि दोनों के पेपर तैयार रखना एक ‘प्लान बी’ का हिस्सा है, ताकि वक्त की जरूरत के हिसाब से फैसला लिया जा सके।
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