सोहराब आलम/मोतिहारी। पूर्वी चंपारण की मधुबन थाना पुलिस ने एक संगठित बाइक चोर गिरोह के खिलाफ बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने न केवल चोरी की गाड़ियां बरामद कीं, बल्कि उस पूरी ‘वर्कशॉप’ का भी भंडाफोड़ किया है जहां चोरी की मोटरसाइकिलों का हुलिया और पहचान बदलकर उन्हें बाजार में खपाया जाता था।
गुप्त सूचना पर धबौलिया में छापेमारी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मधुबन थाना क्षेत्र के धबौलिया गांव में चोरी की बाइक के नंबर बदलकर उन्हें बेचने की तैयारी चल रही है। त्वरित कार्रवाई करते हुए जब पुलिस ने छापेमारी की, तो पूरा मामला परत-दर-परत खुलता गया। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर मोतिहारी और शिवहर जिले के कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई, जहां से गिरोह के कुल 5 सदस्यों को दबोच लिया गया।
ऐसे देते थे धोखाधड़ी को अंजाम
पुलिस जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि यह गिरोह महज चोरी तक सीमित नहीं था। ये लोग चोरी की गई बाइक पर किसी वैध मोटरसाइकिल का इंजन और चेसिस नंबर पंच कर देते थे। इसके लिए वे विशेष पंचिंग टूल्स का इस्तेमाल करते थे। साथ ही, खरीदार को झांसा देने के लिए असली दिखने वाले स्मार्ट कार्ड (RC) और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) भी तैयार कर लेते थे, जिससे पुलिस या आम ग्राहक को वाहन की चोरी होने का संदेह न हो।
भारी मात्रा में बरामदगी
इस छापेमारी अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 14 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनमें रॉयल एनफील्ड, अपाचे, ग्लैमर, स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स जैसे लोकप्रिय मॉडल शामिल हैं। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, ओनर स्मार्ट कार्ड और इंजन नंबर बदलने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं। इस सफलता से क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोरों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
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