सोहराब आलम / मोतिहारी/ रक्सौल। सीमा सुरक्षा बल (SSB) की 47वीं वाहिनी की मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नेपाल ले जाई जा रही एक हिंदू नाबालिग लड़की को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। इस अभियान में विभिन्न एनजीओ के सहयोग से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मैत्री ब्रिज पर संदेह और कार्रवाई
रक्सौल स्थित मैत्री ब्रिज पर निगरानी के दौरान एएचटीयू टीम ने भारत से नेपाल जा रहे दो संदिग्ध युवकों को एक लड़की के साथ रोका। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान ‘गोलू’ और ‘सोनू’ बताई और लड़की को अपनी बहन बताते हुए नेपाल में रिश्तेदार के घर जाने की बात कही। बयानों में विरोधाभास होने पर टीम ने ‘प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर’, ‘स्वच्छ रक्सौल’ और ‘ग्राम नियोजन केंद्र’ के सहयोग से काउंसलिंग शुरू की।
पहचान छिपाकर बिछाया प्रेम जाल
जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी मोहम्मद अरमान (नेपाल) ने ‘गोलू’ नाम से फर्जी आईडी बनाकर करीब चार माह पहले टिकटॉक के जरिए मोतिहारी की नाबालिग लड़की से दोस्ती की थी। उसने अपने सहयोगी इकबाल अंसारी (नरकटियागंज) के साथ मिलकर शादी का झांसा दिया और उसे प्रेम जाल में फंसा लिया। नाबालिग को बाद में उनके मुस्लिम होने का पता चला, लेकिन तब तक आरोपी उसे बहला-फुसलाकर घर से भगाने में कामयाब हो चुके थे।
कानूनी कार्रवाई और रेस्क्यू टीम
सतर्क SSB टीम ने आरोपियों की नेपाल ले जाने की साजिश को विफल कर दिया। आरोपियों को हरैया थाना के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में इंस्पेक्टर विकास कुमार, एएसआई खेम राज सहित एनजीओ प्रतिनिधि रंजीत सिंह, आरती कुमारी और अन्य सदस्यों की मुख्य भूमिका रही।
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