कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं ने अब एक निश्चित दिशा पकड़ ली है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ सकते हैं। 16 मार्च को राज्यसभा के लिए उनके औपचारिक चयन के बाद, वे 8 या 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद और विधान परिषद की सदस्यता से त्यागपत्र दे सकते हैं। इसके तुरंत बाद वे उच्च सदन (राज्यसभा) के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। ​

बिहार को मिलेगा नया नेतृत्व

नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद बिहार में सत्ता की कमान नए हाथों में सौंपी जाएगी। खबर है कि जेडीयू और गठबंधन के भीतर नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री के इस्तीफे के साथ ही नई कैबिनेट के गठन की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी।

​निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री

​इस पूरे बदलाव में सबसे चौंकाने वाला मोड़ नीतीश कुमार के बेटे, निशांत कुमार का नाम है। चर्चा है कि निशांत कुमार को बिहार का नया उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। उनके साथ जेडीयू कोटे से एक और उपमुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने की संभावना है, ताकि जातीय और राजनीतिक समीकरणों को संतुलित रखा जा सके।