कुंदन कुमार/पटना। बिहार सरकार किसानों की आय को दोगुना करने और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर नए प्रयोग कर रही है। इसी कड़ी में कृषि विभाग द्वारा आगामी 21 मार्च से 23 मार्च तक पटना के प्रतिष्ठित बापू सभागार में ‘बिहार नर्सरी एवं ग्रीन टेक कॉन्क्लेव’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को बागवानी की उन्नत तकनीकों से रूबरू कराना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
कुशल बागवानी का मिलेगा प्रशिक्षण
कॉन्क्लेव के दौरान बिहार के विभिन्न जिलों से आए किसानों को विशेषज्ञों द्वारा बागवानी के विशेष गुर सिखाए जाएंगे। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखकर उन्हें ‘कुशल बागवानी’ की ओर प्रेरित करना है। इसके लिए विभाग न केवल उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देगा, बल्कि किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता भी प्रदान करेगा।
वैश्विक बाजार में बिहार का बढ़ता दबदबा
कृषि मंत्री ने गर्व के साथ उल्लेख किया कि बिहार का मखाना आज अपनी गुणवत्ता के कारण पूरे विश्व में पहचान बना चुका है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी भारी मांग है। मखाने के साथ-साथ राज्य में उपजी विभिन्न प्रकार की सब्जियां भी अब विदेशों में निर्यात की जा रही हैं। इस मांग को देखते हुए सरकार चाहती है कि किसान एक्सपोर्ट क्वालिटी की फसलों पर ध्यान केंद्रित करें ताकि उन्हें अपनी उपज का वैश्विक मूल्य मिल सके।
आर्थिक मजबूती की ओर बढ़ते कदम
यह कॉन्क्लेव नर्सरी प्रबंधन, ग्रीनहाउस तकनीक और आधुनिक सिंचाई पद्धतियों पर केंद्रित होगा। सरकार का मानना है कि जब किसान तकनीक से लैस होंगे, तो उनकी लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा। कृषि विभाग का यह प्रयास बिहार के ग्रामीण जनजीवन को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
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