मुजफ्फरपुर। जिले में एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए असामाजिक तत्वों ने वंदे भारत एक्सप्रेस को निशाना बनाया है। गुरुवार शाम हुए इस पथराव में ट्रेन की खिड़की का शीशा चकनाचूर हो गया, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।

​कपरपूरा-कांटी के बीच हुआ हमला

​जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 22531 (पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस) अपने निर्धारित समय पर मुजफ्फरपुर जंक्शन से मोतिहारी के लिए रवाना हुई थी। शाम करीब 5:15 बजे, जब ट्रेन कपरपूरा और कांटी स्टेशन के बीच एक सुनसान इलाके से गुजर रही थी, तभी अचानक बाहर से पत्थरों की बौछार शुरू हो गई। एक भारी पत्थर सीधे कोच C-5 की सीट नंबर 31 की खिड़की पर लगा, जिससे उसका मजबूत सुरक्षा कांच पूरी तरह टूट गया।

​बच्चे के साथ सहम गई महिला

​हमले के दौरान सीट नंबर 31 पर एक महिला अपने मासूम बच्चे के साथ यात्रा कर रही थी। कांच टूटने की तेज आवाज और पत्थर के प्रहार से वह इतनी घबरा गई कि अपनी जान बचाने के लिए बच्चे को लेकर तुरंत सीट के नीचे छिप गई। कोच में मौजूद अन्य यात्री भी हमले की भयावहता देखकर सुरक्षित जगहों की तलाश करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ क्षणों के लिए ऐसा लगा जैसे कोई बड़ा हमला हुआ हो।

​RPF की कार्रवाई और FIR दर्ज

​घटना के तुरंत बाद ऑन-बोर्ड टीटीई और आरपीएफ जवान प्रभावित कोच में पहुंचे और यात्रियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। आरपीएफ इंस्पेक्टर भरत प्रसाद के मुताबिक, बापूधाम मोतिहारी जंक्शन पर ट्रेन के रुकते ही तकनीकी टीम ने कोच का मुआयना किया। रेलवे ने अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। कपरपूरा और कांटी के बीच के इलाकों में संदिग्धों की धरपकड़ के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

​सुरक्षा पर गहराते सवाल

​वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन पर बार-बार हो रहे पथराव ने यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेन को गोरखपुर के लिए रवाना कर दिया गया, लेकिन इस घटना ने रेल यात्रियों के मन में असुरक्षा का भाव भर दिया है।