जगदलपुर। धरमपुरा में बन रहा भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण का सात मंजिला भवन अब गंभीर सवालों में घिर गया है. 64 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में 20 करोड़ से अधिक भुगतान के बावजूद निर्माण गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं.

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शुरुआत ही कीचड़ में ढलाई से होने के कारण भवन की मजबूती पर शुरुआत से ही संदेह बना हुआ है. निर्माण में पिलर टेढ़े-मेढ़े और बीम असंतुलित पाए गए हैं. दीवारें सीधी और समतल नहीं हैं, जबकि छत की ढलाई में दरारें पड़ने लगी हैं. कई जगहों पर सीमेंट उखड़ने और पिलर में गड्ढों को छुपाने के आरोप लगे हैं. पानी टंकी और पाइपलाइन सिस्टम भी तकनीकी मानकों के विपरीत बताया जा रहा है. निर्माण स्थल पर मजदूरों की संख्या बेहद कम होने से काम की रफ्तार भी धीमी है.

निरीक्षण के लिए जिम्मेदार अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग नहीं कर रहे हैं. शिकायत करने वाले अधिकारी का ही तबादला कर दिया गया है, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है. निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई नहीं होने से सवाल और गहरे हो रहे हैं. यह प्रोजेक्ट अब विकास से ज्यादा अनियमितताओं का प्रतीक बनता नजर आ रहा है.

ब्लास्टिंग का खौफ स्कूल तक

दंतेवाड़ा। जावंगा के क्रशर में अवैध खनन और अनियंत्रित ब्लास्टिंग ने बड़ा खतरा उजागर कर दिया है. जांच में 11 हजार घनमीटर पत्थर का अवैध उत्खनन सामने आया है. प्रशासन ने खदान को बंद कर 55 लाख से ज्यादा का जुर्माना लगाया है.

ब्लास्टिंग का असर 300 मीटर दूर स्कूल तक पहुंचा जहां भारी पत्थर छत तोड़कर कक्षा में गिरा. गनीमत रही कि उस समय कोई मौजूद नहीं था जिससे बड़ा हादसा टल गया. पत्थर सीआरपीएफ कैंप और ढाबे तक जा पहुंचे, जिससे खतरे की गंभीरता सामने आई. स्थानीय लोगों के घरों में दरारें पड़ने की शिकायतें भी सामने आई हैं.

कई वर्षों से मनमाने तरीके से खनन होने के आरोप लगे हैं. जांच के दौरान संचालक और ब्लास्टर मौके से गायब मिले. जरूरी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके. स्वीकृत सीमा से बाहर 45 डेसिमल जमीन पर खनन किया जा रहा था. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

छात्राओं से दुर्व्यवहार पर शिक्षक निलंबित

कोंडागांव। पिटेचुवा स्कूल में छात्राओं से दुर्व्यवहार के मामले में आरोपी शिक्षक अमीर लाल नेताम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है.

14 मार्च से जेल में बंद आरोपी की 48 घंटे से अधिक हिरासत अवधि निलंबन का आधार बनी है. निलंबन के दौरान बीईओ कार्यालय कोण्डागांव मुख्यालय तय किया गया है. उसे केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. छात्राओं की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की.

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है. इस घटना ने स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. विभाग ने इसे अनुशासन का कड़ा संदेश बताया है. अभिभावकों में भी घटना के बाद चिंता का माहौल है. शिक्षा संस्थानों में निगरानी बढ़ाने की बात कही जा रही है.

बस्तर में चढ़ने लगा पारा

जगदलपुर। बेमौसम बारिश के बाद अब बस्तर में गर्मी तेजी से बढ़ने लगी है. 23 मार्च को अधिकतम तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया. आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है. फरवरी से ही इस साल तेज गर्मी के संकेत मिल रहे थे.

बारिश के कारण कुछ दिनों तक राहत मिली थी, लेकिन अब मौसम साफ होते ही गर्मी लौट आई है. तेज धूप और गर्म हवाओं का असर दिखने लगा है. बाजार में ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है. दुकानों और ठेलों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है. सार्वजनिक प्याऊ भी राहत का जरिया बन रहे हैं. मौसम विभाग ने फिलहाल बदलाव की संभावना से इनकार किया है. तापमान लगातार बढ़ने की चेतावनी दी गई है. लोगों को अब गर्मी से बचाव के उपाय करने की जरूरत होगी.

डीएमएफ फंड के दुरुपयोग पर कलेक्टोरेट का घेराव

जगदलपुर। 10 सूत्रीय मांगों को लेकर युवा और छात्र मोर्चा ने कलेक्टोरेट का घेराव किया. प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ी गई और पुलिस से झूमाझटकी हुई. प्रदर्शनकारियों ने डीएमएफ फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाया. करीब 125 करोड़ के फंड के सही उपयोग पर सवाल उठाए गए. अस्पतालों में डॉक्टर और दवाइयों की कमी को मुद्दा बनाया गया. छात्रावास और आश्रमों की अव्यवस्था भी सामने रखी गई. जल जीवन मिशन की जमीनी स्थिति पर भी सवाल उठे. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया. मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया. मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई. मामले ने जिले की राजनीति को गरमा दिया है. जनहित के मुद्दे अब सियासी बहस का केंद्र बन गए हैं

नक्सलियों का डर खत्म होने से गांव में लौटती जिंदगी

कोंडागांव। नक्सल प्रभाव कम होने के बाद अब गांवों में लौटने का सिलसिला तेज हो गया है. तुमड़ीवाल गांव का एक परिवार 15 साल बाद वापस लौटा है. नक्सल डर के कारण उन्हें गांव छोड़कर नारायणपुर में मजदूरी करनी पड़ी थी. अब शांति के माहौल में उन्होंने गांव लौटकर नई शुरुआत की है. तीन एकड़ जमीन पर मकान निर्माण शुरू किया गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिला है. परिवार ने इसे नई जिंदगी की शुरुआत बताया है. प्रशासन इसे शांति बहाली की सफलता मान रहा है. गांवों में फिर से रौनक लौटने लगी है. खेतों में काम शुरू हो गया है. लोग अपने घरों को फिर से संवार रहे हैं. सुरक्षा बढ़ने से लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है.

निलंबित अधीक्षिका के समर्थन में उतरी छात्राएं

सुकमा। कोंटा में छात्राएं निलंबित अधीक्षिका के समर्थन में सड़कों पर उतर आईं. तख्तियां लेकर निकली छात्राओं ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दीं. रात से ही प्रदर्शन की तैयारी किए जाने की बात सामने आई. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी और स्थिति संभाली. निलंबित अधीक्षिका की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं. आश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. मोबाइल उपयोग और सफाई जैसी समस्याएं उजागर हुई हैं. छात्राओं से शौचालय साफ करवाने के आरोप लगे हैं. पहले भी छात्राओं को आगे करने की बात कही गई है. प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है. घटना ने आश्रम व्यवस्था की पोल खोल दी है. आने वाले समय में और खुलासे हो सकते हैं.

लॉज में चलता था जुए का नेटवर्क

सुकमा। कोंटा में पुलिस ने अंतर्राज्यीय जुआ नेटवर्क का खुलासा किया. आरएसएन लॉज में दबिश देकर 22 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया. मौके से नकदी और अन्य सामान जब्त किया गया. आरोपियों में तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के लोग शामिल हैं. लॉज मालिक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है. संगठित तरीके से जुआ संचालन किया जा रहा था. पहले भी यह लॉज विवादों में रह चुका है. स्थानीय स्तर पर लंबे समय से जुआ चलने की चर्चा थी. स्पोर्ट्स क्लब बंद होने के बाद लॉज नया अड्डा बन गया था. पुलिस ने जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. अवैध गतिविधियों पर सख्ती बढ़ाई गई है. पुलिस ने लोगों से सूचना देने की अपील की है.

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