चंडीगढ़। पंजाब में डीएम गगनदीप सिंह की आत्महत्या के मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर ही जबरदस्त अंतर्कलह उभरकर सामने आई है। जहां एक ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं, वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इससे असहमति जताकर अपनी ही पार्टी के नेताओं को असमंजस में डाल दिया है।

इस मामले में कांग्रेस के भीतर दो फाड़ नजर आ रहे हैं। अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए सीबीआई जांच की पुरजोर मांग की है। वहीं, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी लगातार इस केस को सीबीआई को सौंपने के पक्ष में बयान दे रहे हैं।

मुझे CBI पर यकीन नहीं – राजा वड़िंग

अपनी ही पार्टी के सांसदों और विधायकों के सुर से अलग हटते हुए पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने विवादित रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि मैं सीबीआई पर बहुत ज्यादा यकीन नहीं करता। मेरी मांग है कि इस पूरे मामले की जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि हर व्यक्ति का अपना हक है कि वह किस तरह से न्याय चाहता है, लेकिन वे व्यक्तिगत रूप से न्यायिक जांच को बेहतर मानते हैं।

रवनीत बिट्टू का तीखा हमला: वड़िंग को कहा गद्दार

कांग्रेस की इस आंतरिक कलह पर भाजपा के राज्यसभा सांसद और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कड़ा प्रहार किया है। बिट्टू ने राजा वड़िंग को घेरते हुए उन्हें ‘काली भेड़’ तक कह डाला। बिट्टू ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस के सांसद और विपक्ष के नेता परिवार की मांग पर संसद में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष कहते हैं कि उन्हें एजेंसी पर भरोसा नहीं। राजा वड़िंग पंजाब के लोगों और पीड़ित परिवार के साथ गद्दारी कर रहे हैं। उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह अंग्रेज अपने समय में काली भेड़ों और मुखबिरों का इस्तेमाल करते थे, राजा वड़िंग आज वही भूमिका निभा रहे हैं।