केंद्र पर लगातार हमला करने वाली देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को अब सरकार से फिलहाल बड़ी राहत मिली है. कांग्रेस को 28 मार्च तक दिल्ली के 24, अकबर रोड स्थित बंगले को खाली करने का नोटिस दिया गया था, लेकिन अब पार्टी को यह बंगला खाली नहीं करना होगा. जबकि इससे पहले केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) की ओर से बंगला खाली करने का नोटिस थमाया गया था.

कांग्रेस की ओर से बताया गया कि केंद्र ने 2 बंगला खाली करने से जुड़ा नोटिस 13 मार्च को भेजा था और पार्टी को शनिवार (28 मार्च) तक 24 अकबर रोड स्थित अपना ऑफिस के साथ-साथ 5 रायसीना रोड स्थित इंडियन यूथ कांग्रेस का ऑफिस भी खाली करने को कहा गया था. कांग्रेस इस नोटिस से खुश नहीं थी और बंगला खाली कराए जाने से जुड़े नोटिस के खिलाफ कोर्ट जाने का मन बना रही थी.

इंदिरा गांधी के समय से कांग्रेस का ऑफिस

इससे पहले केंद्र के नोटिस से पार्टी में हलचल मची हुई थी क्योंकि इंदिरा गांधी के दौर से ही 24, अकबर रोड कांग्रेस के ऑफिस के रूप में बना हुआ था. यह ऑफिस कांग्रेस के शानदार सफर और कई ऐतिहासिक फैसलों तथा घटनाक्रमों का गवाह रहा है.

हालांकि कांग्रेस अपने नए और शानदार ऑफिस में शिफ्ट हो चुकी है. पिछले साल जनवरी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नई दिल्ली स्थित पार्टी के नए मुख्यालय इंदिरा भवन का उद्घाटन किया था. इस समारोह में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे थे.

कांग्रेस का ‘इंदिरा भवन’ नाम से नया ऑफिस

केंद्र से जुड़े सूत्रों का कहना था कि केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) की 2006 की एक नीति के तहत यह नोटिस दिया गया था. इस नीति के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर के किसी भी राजनीतिक दल को अपना ऑफिस बनाने के लिए जमीन आवंटित की जा सकती है. यदि वे यह आवंटन स्वीकार कर लेते हैं, तो जमीन का कब्जा लेने की तारीख से अगले 3 साल के अंदर उन सभी बंगलों या अन्य कैंपस को खाली करना होता है, जो उन्हें पहले आवंटित किए गए थे.

कांग्रेस ने दीनदयाल उपाध्याय (DDU) मार्ग पर आवंटित भूखंड पर अपना नया ऑफिस बनाने के लिए साल 2009 में निर्माण कार्य शुरू कर दिया था. इंदिरा भवन नाम से तैयार यह ऑफिस पिछले साल 2025 में बनकर तैयार हुआ. नया मुख्यालय बनने के बाद भी कांग्रेस ने 24, अकबर रोड (जो 1978 से ही पार्टी का मुख्यालय रहा है) और रायसीना रोड, दोनों जगहों पर कब्जा बना रखा है.

आजादी के बाद यह बंगला बना बर्मा हाउस

24, अकबर रोड बंगला साल 1978 से ही कांग्रेस का मुख्यालय रहा है. तब यह बंगला आंध्र के सांसद जी वेंकट स्वामी के नाम एलॉट था. बाद में यह कांग्रेस का मुख्यालय बन गया. यह बंगला सोनिया गांधी के आवास 10, जनपथ से भी सटा हुआ है. इन दोनों बंगलों के बीच एक गेट है, जिसके चलते सोनिया कभी भी पार्टी मुख्यालय पहुंच सकती थीं.

सर एडविन लुटियंस को जब नई दिल्ली बसाने का काम सौंपा गया, तो उन्होंने साल 1911 से 1925 के 28 वर्ग किमी के इस दायरे में यहां पर कई बंगलों का निर्माण करवाया. आजादी के पहले यह बंगला ब्रिटिश सैन्य अधिकारी सर रेज़िनल्ड मैक्सवेल को दिया गया था. लेकिन आजादी के बाद 1960 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसे बर्मा हाउस (म्यामार के राजदूत का घर) बनाने की अनुमति दे दी.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m