बक्सर। जिला अंतर्गत डुमरांव में एक बड़ी रेल दुर्घटना होते-होते बची। यह हादसा एक बाइक सवार की भारी लापरवाही के कारण हो सकता था, लेकिन ट्रेन के लोको पायलट की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ ने संभावित तबाही को टाल दिया।

​बंद फाटक पार करने की कोशिश पड़ी भारी

​घटना उस समय हुई जब गाड़ी संख्या 63229 आरा-बक्सर मेमू पैसेंजर ट्रेन डुमरांव स्टेशन से बक्सर की ओर प्रस्थान कर रही थी। पश्चिमी रेलवे फाटक बंद होने के बावजूद, एक युवक नियमों को ताक पर रखकर अपनी बाइक के साथ पटरी पार करने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान, दूसरी तरफ जगह कम होने की वजह से उसकी बाइक अप मेन लाइन की पटरी के बीचों-बीच फंस गई।

​लोको पायलट ने लगाए इमरजेंसी ब्रेक

​सामने से ट्रेन को आता देख युवक के हाथ-पांव फूल गए। पटरी पर फंसी बाइक को देख ट्रेन के लोको पायलट ने बिना एक पल गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। भारी भरकम ट्रेन बाइक से कुछ ही दूरी पर रुक गई। अगर पायलट ने सही समय पर फैसला नहीं लिया होता, तो न सिर्फ बाइक के परखच्चे उड़ जाते, बल्कि ट्रेन के बेपटरी होने का भी खतरा था, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।

​अवैध रास्तों पर रेलवे की सख्ती

​हादसे की आशंका देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाई और पटरी पर फंसी बाइक को खींचकर बाहर निकाला, जिसके बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। जांच में पता चला कि स्थानीय लोगों ने फाटक के किनारे से एक अवैध रास्ता बना लिया था। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस खतरनाक रास्ते को हमेशा के लिए बंद कर दिया है।

​रेलवे प्रशासन की चेतावनी

​रेलवे अधिकारियों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि बंद फाटक को पार करना न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि यह जानलेवा भी हो सकता है। आपकी एक छोटी सी लापरवाही सैकड़ों परिवारों को उजाड़ सकती है।