Amyra Suicide Case: राजधानी जयपुर के चर्चित अमायरा सुसाइड केस में राजस्थान शिक्षा विभाग ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है। विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा 11वीं और 12वीं की मान्यता रद्द करने का आदेश जारी कर दिया है। दरअसल, इस आदेश के बाद अब स्कूल में कक्षा 11 के अगले दो सत्र और 12वीं का एक सत्र संचालित नहीं हो सकेगा। हालांकि, जो बच्चे अभी 11वीं से 12वीं में प्रमोट हो रहे हैं, वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

परिजनों ने लगाया खानापूर्ति का आरोप

बता दें कि शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से अमायरा के माता-पिता बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। अमायरा के पिता विजय ने विभाग के ढीले रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सीबीएसई (CBSE) ने साफ कहा था कि कक्षा 1 से 8 तक का फैसला राजस्थान शिक्षा विभाग लेगा, तो सिर्फ बड़ी क्लास पर ही एक्शन क्यों लिया गया? गौरतलब है कि पिता का दर्द छलका और उन्होंने पूछा कि अगर स्कूल बड़ी क्लास के लिए असुरक्षित है, तो छोटे बच्चों के लिए वह सुरक्षित कैसे हो सकता है?

हाईकोर्ट और सीबीएसई के आदेश का पेच

सूत्रों ने बताया कि इससे पहले सीबीएसई ने भी इसी तरह का आदेश निकाला था, जिसे हाल ही में हाईकोर्ट ने अंतरिम रूप से रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने सीबीएसई से उन स्कूलों की लिस्ट भी मांगी थी जहां बच्चों को शिफ्ट किया जा सके। अब शिक्षा विभाग का यह नया आदेश कानूनी दांवपेच में फंसता नजर आ रहा है।

जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा

संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने इस आदेश को सिर्फ खानापूर्ति करार दिया है। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि यह आदेश सीबीएसई की कॉपी है और उस बच्ची के परिजनों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, जिसने स्कूल की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जान दे दी। अभिभावकों की मांग है कि पूरे स्कूल पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी और अमायरा के साथ ऐसा न हो।

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