Bihar Politics: कांग्रेस के बागी विधायक सुरेंद्र कुशवाहा आज रविवार (29 मार्च) को जदयू नेता और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के सरकारी आवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद प्रदेश में सियासी हलचल एक बार फिर से तेज हो गई है। यह कयास लगाया जा रहा है कि कांग्रेस के बागी विधायक एनडीए के साथ आ सकते हैं। हालांकि इस मुलाकात को लेकर दोनों नेताओं की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस के तीन विधायकों ने नहीं किया था वोट
गौरतलब है कि सुरेंद्र कुशवाहा कांग्रेस के उन तीन नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव में अपना वोट नहीं दिया था, उनके अलावा फारबिसगंज के मनोज विश्वास और मनिहारी के विधायक मनोहर प्रसाद सिंह ने वोट नहीं किया था। वहीं, राजद के भी एक विधायक ढाका से फैसल रहमान ने वोट नहीं किया था।
प्रदेश नेतृत्व पर लगाया गंभीर आरोप
वोट नहीं देने के पीछे सुरेंद्र कशवाहा ने बताया था कि, हमारे प्रभारी (कृष्ण अल्लावारु) ने कहा था कि स्वेच्छा से जो करना है कीजिए। हम लोगों को उम्मीद थी तेजस्वी यादव ही राज्यसभा के लिए उम्मीदवार होंगे। लेकिन नामांकन के एक दिन पहले अमरेंद्र धारी को उम्मीदवार बनाया गया। हम चाहते थे की दलित, पिछड़े या फिर कोई अल्पसंख्यक उम्मीदवार बने। उन्होंने कहा कि, इस संबंध में हमसे कोई मुलाकात नहीं किया गया।
बागी विधायकों को किए पर पश्चाताप नहीं
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने बागी विधायकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। हालांकि प्रदेश नेतृत्व उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं है। प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि तीनों विधायकों के जवाब में कहीं भी पश्चाताप का भाव नहीं है। बल्कि तीनों विधायकों ने अकड़ दिखाते हुए राज्यसभा चुनाव में गड़बड़ी के लिए पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को ही जिम्मेदार बताया है। जवाब से तय है कि तीनों विधायक खुद भी कांग्रेस के साथ रहने को इच्छुक नहीं है। निश्चित तौर पर माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति में कांग्रेस इन तीनों विधायकों को पार्टी से निकाल सकती है।
बगावत के मूड में तीनों विधायक
फिलहाल बिहार में कांग्रेस के छह विधायक हैं। इनमें से राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं करने वाले तीन विधायकों ने एक तरह से पार्टी आलाकमान से बगावत कर दिया है। ऐसे में अब देखना यह होगा कि पार्टी इन तीनों विधायकों के खिलाफ कब और क्या एक्शन लेती है? हालांकि इस बीच आज सुरेंद्र कुशवाहा ने अशोक चौधरी से मुलाकात कर सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
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