कुंदन कुमार, पटना। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच आज बुधवार (1 अप्रैल) को लंबे समय के बाद भारतीय इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह का शव मुंबई पहुंचा। मुंबई से देवनंद के पार्थिव शरीर को पटना एयरपोर्ट लाया गया है, जहां एबुंलेंस के माध्यम से उनके शव को पैतृक गांव भागलपुर जिले के कहलगांव भेजा गया। कल सुबह उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे देवनंदन

बता दें कि मृतक देवनंदन प्रसाद सिंह साल 2019 में भागलपुर से आकर परिवार के साथ मुंबई में बस गए थे। बता दें कि वह अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनी में एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और ‘सेफसी विष्णु’ नामक अमेरिकी ऑयल टैंकर पर तैनात थे। इस दौरान मिडिल इस्ट में जारी जंग के बीच जब उनकी जहाज बीते 11 मार्च बुधवार को अपने गतंव्य की ओर इराक के बसरा से सिंगापुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान बसरा के पास ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले में उनकी मौत हो गई।

आखिरी बार फोन पर हुई थी यह बात

हादसे के समय जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। वहीं, देवनंदन प्रसाद की मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था की जहाज पुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। परिजनों के मुताबिक, घटना से कुछ समय पहले परिवार से उनकी आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि, मैं समुद्र में हूं और ड्यूटी पर हूं, इसलिए ज्यादा देर बात नहीं कर सकता। हालांकि उन्हें या घरवालों को यह पता नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत है। इसके कुछ देर बाद ही ईरान की ओर से हुए ड्रोन हमले में उनकी मौत हो गई।

परिजनों में छाया मातम, अंतिम संस्कार कल

देवनंदन प्रसाद सिंह के मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार और गांव पर मातम छाया हुआ है। वहीं, आज लंबे समय के बाद उनका शव उनके गांव कहलगांव पहुंच रहा है। वहीं, कल गुरुवार की सुबह उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। देवनंदन प्रसाद सिंह के परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा जापान की एक निजी कंपनी में काम करता है। वहीं, बेटी मेडिकल की तैयारी कर रही है।

ये भी पढ़ें- ‘जैसा खाएंगे, वैसा ही दिमाग होगा’, जानें क्यों नीरज कुमार ने तेजस्वी के लिए कही ये बात?