कुंदन कुमार/मोतिहारी/पटना‌। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के दावों के बीच पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के तुरकौलिया प्रखंड में जहरीली शराब का तांडव देखने को मिला है। रघुनाथपुर और शंकर सरैया गांव में कथित तौर पर कच्ची शराब के सेवन से अब तक 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग अस्पताल में जीवन और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

​सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार: राजद

​इस त्रासदी पर राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में सत्ता के संरक्षण में शराब तस्करी का खेल चल रहा है और एक पैरेलल इकॉनमी (समांतर अर्थव्यवस्था) खड़ी कर दी गई है। यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार केवल शराब पीने वालों को पकड़कर खानापूर्ति करती है जबकि बड़े तस्कर खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों पर भी निशाना साधा और कहा कि अब तो पुजारियों से भी टैक्स वसूला जा रहा है सरकार को जनता की जान की कोई परवाह नहीं है।

​शोक में डूबा गांव: आंखों की रोशनी तक गई

​मृतकों की पहचान चंदू, प्रमोद, हीरालाल, परिछन मांझी और समाप्त साह के रूप में हुई है। घटना की शुरुआत कल हुई जब शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार शराब पीने के कुछ ही समय बाद पीड़ितों को धुंधला दिखाई देने लगा और तेज बेचैनी शुरू हो गई। सदर अस्पताल में भर्ती कई मरीजों की हालत इतनी नाजुक है कि उनकी आंखों की रोशनी पूरी तरह जा चुकी है।

​प्रशासनिक कार्रवाई और गिरफ्तारियां

​मामला गर्म होते ही पुलिस और जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने पुष्टि की है कि सभी पीड़ित शराब के शिकार हुए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य सप्लायर हीरालाल राय और जम्बू बैठा समेत 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वहीं कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में संबंधित चौकीदार को सस्पेंड कर दिया गया है। डीआईजी हरि किशोर राय ने बताया कि पूरी सप्लाई चेन की जांच की जा रही है ताकि घातक रसायनों के स्रोत का पता लगाया जा सके।