लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक पत्र लिखा है. ‘योगी की पाती’ इस बार प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं पर केंद्रित है. सीएम ने जनता के नाम अपनी इस चिट्ठी में आगामी 7 अप्रैल को मनाए जाने वाले विश्व स्वास्थ्य दिवस का उल्लेख किया है. उन्होंने 9 साल पहले उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति को इंगित करते हुए अपनी सरकार को सेवा का अवसर मिलने पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के अभिशाप जापानी इंसेफेलाइटिस से छुटकारा मिलने की बात कही है.
योगी ने लिखा ‘7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस है. सर्वे भवन्तु सुखिनः की कामना करने वाले उत्तर प्रदेश में एक समय ऐसा भी था, जब मस्तिष्क ज्वर से काल-कवलित बच्चों के परिजन रोते-बिलखते दिखते थे. 9 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दयनीय थी. हमारी सरकार को सेवा का अवसर मिला, तो पूर्वी उत्तर प्रदेश के अभिशाप जापानी इंसेफेलाइटिस का अंत हुआ. नए अस्पताल बने, सुविधाएं बढ़ी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हुई और उत्तम उपचार आम आदमी की पहुंच में आया. दवा, जांच और टीकाकरण सुलभ हुआ.’
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सीएम ने लिखा कि ‘2017 के सापेक्ष 36 से बढ़कर आज 83 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. आज किसी को उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है, अपनी जमीन बेचने की विवशता नहीं है. पीएचसी में हेल्थ एटीएम की स्थापना से लेकर 108 एम्बुलेंस सेवा, टेली कन्सल्टेशन, मोबाइल मेडिकल यूनिट, निःशुल्क डायलिसिस सेवा इसी प्रतिबद्धता का परिणाम है. आरोग्य मेलों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया गया है. 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को 5 लाख तक का निःशुल्क चिकित्सा सुरक्षा कवच मिला है. आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं योग वेलनेस सेंटर जैसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के केंद्र स्थापित किए गए हैं. ‘सर्वे संतु निरामयाः’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘प्रिवेंटिव हेल्थ’ को प्राथमिकता दी गई है.’
योगी ने आगे लिखा ‘खेलों से स्वास्थ्य का सीधा संबंध होता है, इसलिए राज्य में स्पोर्टस फ्रेंडली इकोसिस्टम विकसित किया गया है. आज हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और हर जनपद में आधुनिक स्टेडियम निर्मित किए जा रहे हैं. खेल, युवाओं को नशे से दूर रखने में सहायक होता है, बच्चों को सशक्त बनाता है. मैं अभिभावकों से अपील करता हूं कि वो बच्चों को खेल-कूद की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें. खेल, योग और व्यायाम को युवा अपनी दिनचर्या में शामिल करें. स्वस्थ जीवनशैली ही स्वस्थ जीवन का आधार है.’
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