लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लखनऊ में भारतेन्दु नाट्य अकादमी की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह’ के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए. इस अवसर पर अकादमी के संपूर्ण भवन और 02 प्रेक्षागृहों के 22 करोड़ की लागत से हुए जीर्णोद्धार कार्यों का लोकार्पण किया गया और पूर्व विद्यार्थियों, प्रमुख रंगकर्मियों एवं कलाविदों को सम्मानित करने के साथ ही ‘रंगवेद’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया.

मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और सृजनशीलता से जोड़ने में अकादमी के योगदान की सराहना करते हुए 50 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.

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सीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी नाट्य अकादमियों का दायित्व बनता है कि वीरांगना रानी अवंतीबाई, वीरांगना ऊदा देवी, वीरांगना झलकारी बाई, महाराजा बिजली पासी इन पर लघु नाटक बनाएं, उनका मंचन करें और बच्चों के सामने अपने नायकों को ‘हीरो’ के रूप में प्रस्तुत करें. हमें अपने नायकों को ढूंढना होगा, उनका सम्मान करना होगा. महाराजा सुहेलदेव को पहले कोई नहीं याद करता था, अब लोग महाराजा सुहेलदेव का स्मरण कर रहे, उनके स्मारक पर जा रहे.

सीएम ने आगे कहा कि भारत की संस्कृति व सनातन परंपरा को बचाने के लिए 1000 वर्ष पहले महाराजा सुहेलदेव ने जो शौर्य और पराक्रम दिखाया. 150 वर्षों तक भारत पर कोई विदेशी आक्रांता हमला करने का दुस्साहस नहीं कर पाया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से हमारी सरकार ने बहराइच में महाराजा सुहेलदेव का स्मारक बनाया है.