एसआर रघुवंशी, गुना/अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंच से ही कलेक्टर साकेत मालवीय को जमकर फटकार लगा दी।
जनसुनवाई समाप्त होने के बाद जब आम नागरिकों के आवेदन इकट्ठा किए जा रहे थे, उसी दौरान कलेक्टर साकेत मालवीय द्वारा आवेदनों को थैले में रखने की प्रक्रिया बेहद अव्यवस्थित नजर आई। बिखरे हुए कागजों को देखकर सिंधिया ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया और सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई।
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सख्त लहजे में सिंधिया ने कहा कि ये सिर्फ कागज के टुकड़े नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदें और विश्वास हैं — “ये आवेदन नहीं, हमारे लिए सोना हैं।” उन्होंने साफ कहा कि प्रशासन को जनता के हर आवेदन को पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालना चाहिए।
मंत्री की इस तीखी प्रतिक्रिया के बाद मौके पर ही कलेक्टर ने सभी आवेदनों को व्यवस्थित किया और सही तरीके से फाइलिंग कर थैले में रखा। इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, वहीं यह भी साफ संदेश दिया कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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