Air India CEO Campbell Wilson Resigned: टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब एअर इंडिया कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। वित्तीय वर्ष कंपनी का घाटा 20,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का अनुमान है। जबकि अहमदाबाद प्लेन क्रैश की रिपोर्ट भी आने वाली है। फिलहाल कैंपबेल विल्सन तब तक अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे जब तक कि उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक पिछले हफ्ते हुई कंपनी की बोर्ड बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। विल्सन को 2022 में एअर इंडिया का CEO और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया गया था। उनका कॉन्ट्रैक्ट 5 सालों के लिए, जुलाई 2027 तक था। विल्सन सितंबर में अपना पद छोड़ सकते हैं। एयर इंडिया ने नए CEO की तलाश भी शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरलाइन अहमदाबाद प्लेन क्रैश की फाइनल जांच रिपोर्ट आने के बाद नए CEO की नियुक्ति करेगी। तिम रिपोर्ट जून 2026 में आ सकती है।
न्यूजीलैंड के रहने वाले विल्सन के कार्यकाल के दौरान विस्तारा का एयर इंडिया में मर्जर हुआ। साथ ही कंपनी ने अपने बेड़े का विस्तार किया और कई हाई ट्रैफिक मेट्रो रूट्स पर मार्केट लीडर इंडिगो से आगे निकलने में कामयाब रही। लेकिन ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण ओवरहॉलिंग के मोर्चे पर एयर इंडिया की रफ्तार धीमी रही। इन चुनौतियों के कारण एयर इंडिया को नए विमान की डिलीवरी में देरी हुई और उसे पुराने विमानों के रिफर्बिशमेंट का काम भी छोड़ना पड़ा। इससे एयरलाइन के कायाकल्प की रफ्तार धीमी हो गई।

इन चुनौतियों के कारण एयरलाइन के ऑपरेशन परफॉरमेंस पर भी असर पड़ा और सर्विस क्वालिटी तथा पंक्चुएलिटी पर भारी दबाव रहा। टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन इससे नाराज थे। उन्होंने यूके और यूएस की दो बड़ी इंटरनेशनल एयरलाइंस के सीईओ से मुलाकात भी की थी। इनमें से किसी को एक को विल्सन का उत्तराधिकारी बनाया जा सकता है।
विल्सन ने 1996 में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में शुरुआत की थी
एअर इंडिया से जुड़ने से पहले विल्सन लो कॉस्ट एयरलाइन स्कूट (Scoot) के CEO थे। यह कंपनी सिंगापुर एयरलाइंस की लो-कॉस्ट सहायक कंपनी है। विल्सन ने न्यूजीलैंड में कैंटरबरी यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर ऑफ कॉमर्स (फर्स्ट क्लास ऑनर्स) किया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1996 में न्यूजीलैंड में सिंगापुर एयरलाइंस के साथ मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने कनाडा, हॉन्ग कॉन्ग और जापान में SIA के लिए काम किया। सिंगापुर लौटकर 2011 में स्कूट के फाउंडिंग CEO के रूप में काम किया। 2016 तक वो इस पद पर रहे। इसके बाद SIA में सेल्स और मार्केटिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में काम किया। फिर अप्रैल 2020 में दोबारा स्कूट के CEO बने। दो साल बाद उन्होंने एअर इंडिया जॉइन की थी।
एक महीने पहले इंडिगो के CEO ने इस्तीफा दिया था
एअर इंडिया से पहले इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने भी 10 मार्च को इस्तीफा दे दिया था। इंडिगो ने अचानक पीटर के पद छोड़ने की घोषणा की और 30 मार्च को नए CEO के रूप में विलियम वॉल्श की नियुक्ति की। पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन को अपने इतिहास के सबसे खराब ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था। सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और देरी की वजह से एयरलाइन को करीब ₹2,000 करोड़ का नुकसान हुआ था। तभी से एल्बर्स पर इस्तीफे का दबाव था।
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