Rajasthan News: बता दें कि राजस्थान के नए नवेले जिले सलूंबर में एक के बाद एक पांच बच्चों की मौत ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। दरअसल, इन बच्चों में पहले उल्टी-दस्त के लक्षण दिखे और फिर देखते ही देखते शरीर में अकड़न आने के बाद इन्होंने दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि इस हृदयविदारक घटना के बाद अब प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।

झोलाछापों पर गिरी गाज, दुकानें छोड़ भागे डॉक्टर

सूत्रों ने बताया कि बच्चों की मौत के पीछे झोलाछाप डॉक्टरों के गलत इलाज की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा विभाग की टीम ने लसाड़िया और आंजणी इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान 4 फर्जी क्लीनिकों को सील कर दिया गया है। जैसे ही विभाग की गाड़ियां पहुंचीं, खुद को ‘डॉक्टर’ बताने वाले झोलाछाप मौके से फरार हो गए।

हाई डोज दवाओं का खेल

ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, ये झोलाछाप डॉक्टर बिना किसी पुख्ता जांच के बच्चों को भारी मात्रा में एंटीबायोटिक और हाई डोज दवाएं दे रहे थे। लसाड़िया में 3 और आंजणी में 1 क्लीनिक बंद किया गया। विभाग ने सख्त चेतावनी के साथ इन दुकानों पर नोटिस चिपका दिए हैं। उदयपुर संभाग में करीब 3690 टीमों ने 52 हजार से ज्यादा घरों का दरवाजा खटखटाया है।

अब तक क्या हुआ?

बता दें कि सर्वे के दौरान 275 ऐसे मरीज मिले हैं जिनमें गंभीर लक्षण हैं, इनमें से 25 को तुरंत बड़े अस्पताल रेफर किया गया है। विभाग अब मच्छरों से होने वाली बीमारियों पर भी फोकस कर रहा है, जिसके लिए करीब 2557 जगहों पर दवाइयों का छिड़काव किया गया है।

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