कुंदन कुमार/पटना। बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपने छात्र संगठन को लेकर एक बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है। सोमवार को प्रदेश राजद कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि छात्र राजद को पूरी तरह भंग कर दिया गया है और अब इसे सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SSAI) के नए नाम से रीलॉन्च किया गया है। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि संगठन का यह पुनर्गठन चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है।

​शिक्षा, समानता और अधिकार पर फोकस

​संगठन के विस्तार पर चर्चा करते हुए प्रोफेसर नवल किशोर यादव ने कहा कि SSAI का मुख्य उद्देश्य समाजवादी विचारधारा के आधार पर देश भर के छात्रों को एकजुट करना है। संगठन ने अपना नया लोगो और ध्येय वाक्य (Motto) भी जारी किया है, जो एजुकेशन, इक्वलिटी और एंपावरमेंट (शिक्षा, समानता और सशक्तिकरण) पर आधारित है। संगठन की योजना बिहार के सभी विश्वविद्यालयों से शुरुआत कर दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू जैसे संस्थानों तक अपनी पैठ मजबूत करने की है।

​नीतीश सरकार पर तेजस्वी का तीखा प्रहार

​प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 साल के शासन के बाद भी बिहार सबसे गरीब राज्य बना हुआ है। तेजस्वी ने कहा:

​नीतीश जी ने जाते-जाते बिहार का खजाना खाली कर दिया है। राज्य में न उद्योग हैं, न कारखाने। पिछले दो महीनों से एक भी कैबिनेट मीटिंग नहीं हुई, जो प्रशासन की विफलता का प्रमाण है।

​पोस्टर विवाद और गिरती कानून व्यवस्था

​जेडीयू कार्यालय से नीतीश कुमार के पोस्टर हटाए जाने पर चुटकी लेते हुए तेजस्वी ने कहा कि जेडीयू में अब नीतीश जी के हाथ में कुछ नहीं रहा; वहां बीजेपी के एजेंट फैसले ले रहे हैं। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि अखबार के पन्ने अपराध की खबरों से लाल हैं।

​आर्थिक संकट का दावा

​तेजस्वी ने दावा किया कि बिहार में ठेकेदारों को भुगतान करने और वृद्धावस्था पेंशन देने तक के पैसे नहीं हैं। उन्होंने हैरानगी जताते हुए कहा कि उनके सचिव से उनका पैन और अकाउंट नंबर मांगा जा रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि राज्य की वित्तीय स्थिति बेहद नाजुक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खजाना खाली है, तो नई नौकरियां कहां से दी जाएंगी?