पटना। बिहार में अप्रैल के महीने ने अभी से अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आसमान से बरसती आग और पछुआ हवाओं के थपेड़ों ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले तीन दिनों में राज्य के तापमान में जो उछाल आया है, उसने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया है। राजधानी पटना समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में दोपहर के वक्त सन्नाटा पसरने लगा है, क्योंकि तपिश अब बर्दाश्त से बाहर हो रही है।
भभुआ बना प्रदेश का हॉटस्पॉट
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को कैमूर जिले का भभुआ शहर राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.9°C दर्ज किया गया। वहीं, सीवान का जीरादेई 16.4°C के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। वर्तमान में राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 30.5°C से लेकर 40°C के बीच झूल रहा है। शुष्क पछुआ हवाओं ने वातावरण में नमी को खत्म कर दिया है, जिससे गर्मी का एहसास और भी तीखा हो गया है।
बारिश की उम्मीद और लू का खतरा
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 72 घंटों में तापमान में 1 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 17 अप्रैल को सीमांचल के जिलों (अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार) में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, लेकिन यह राहत ऊंट के मुंह में जीरे के समान होगी। असली चुनौती 18 अप्रैल से शुरू होगी, जब बक्सर, औरंगाबाद, गया, रोहतास और पटना जैसे जिलों में भीषण लू चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि पारा 40°C पार करते ही हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। यदि निकलना अनिवार्य हो, तो सिर को ढक कर रखें और खाली पेट न निकलें। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बनाए रखने के लिए ओआरएस, नींबू पानी और लस्सी जैसे तरल पदार्थों का निरंतर सेवन करते रहें।
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