केंद्र सरकार लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके लिए तीन अहम विधेयक लाने की तैयारी है, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण परिसीमन आयोग के गठन से जुड़ा विधेयक है। परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) के बाद ही महिला आरक्षण लागू किया जाएगा।
चंडीगढ़। केंद्र सरकार लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके लिए तीन अहम विधेयक लाने की तैयारी है, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण परिसीमन आयोग के गठन से जुड़ा विधेयक है। परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) के बाद ही महिला आरक्षण लागू किया जाएगा।
लोकसभा सीटों में बड़ा बदलाव
नए परिसीमन के तहत देश में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 किए जाने का प्रस्ताव है। इनमें:
815 सीटें राज्यों के लिए
35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी
इस बदलाव का असर हरियाणा पर भी पड़ेगा।
वर्तमान में हरियाणा के पास 10 लोकसभा सीटें हैं
परिसीमन के बाद यह बढ़कर 15 सीटें हो सकती हैं
इनमें से करीब 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी
विधानसभा में भी बढ़ेगा आकार
हरियाणा विधानसभा की सीटें भी 90 से बढ़कर 119 या 120 तक पहुंच सकती हैं।
इनमें लगभग 40 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी
यानी हर तीसरी सीट महिला प्रतिनिधि की होगी
नए विधानसभा भवन की जरूरत
सीटों की संख्या बढ़ने के साथ मौजूदा विधानसभा भवन छोटा पड़ सकता है। ऐसे में 2029 से पहले नए विधानसभा भवन की जरूरत महसूस की जा रही है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के कार्यकाल में इस दिशा में जमीन को लेकर बातचीत भी अंतिम चरण तक पहुंची थी, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
किन जिलों में बढ़ेंगी ज्यादा सीटें
नए परिसीमन के अनुसार शहरी जिलों में सबसे ज्यादा सीटें बढ़ने की संभावना है, जिनमें:
गुरुग्राम
फरीदाबाद
सोनीपत
करनाल
इन जिलों की जनसंख्या ज्यादा होने के कारण यहां प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।
राजनीति पर असर
इस बदलाव के बाद हरियाणा की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। अभी तक राजनीति मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित रही है, लेकिन परिसीमन के बाद शहरी क्षेत्रों का प्रभाव बढ़ेगा। इससे क्षेत्रीय दलों के लिए नई चुनौती खड़ी हो सकती है, क्योंकि उनकी पकड़ ग्रामीण इलाकों में ज्यादा मजबूत मानी जाती है।

