चंडीगढ़। हरियाणा में सरकारी विभागों की करोड़ों रुपये की राशि को निजी बैंकों में जमा करने और उसमें हुई गड़बड़ी के मामले में प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी है। इसी कड़ी में श्रम, ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने भी अपने विभागों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
निजी बैंकों के साथ लेनदेन पर रोक
मंत्री अनिल विज ने अपने तीनों विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि अब किसी भी निजी बैंक के साथ नया लेनदेन नहीं किया जाएगा। सरकार ने केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों (सरकारी बैंकों) के साथ ही बैंकिंग व्यवहार करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि यदि एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि का कोई भी लेनदेन होता है, तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों और स्वयं मंत्री को देना अनिवार्य होगा।
लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई
विभागीय आदेशों के अनुसार, यदि इन निर्देशों के बाद भी किसी अधिकारी या कर्मचारी ने निजी बैंकों के साथ लेनदेन किया, तो उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने उन अधिकारियों की सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं जिन्होंने बिना किसी ठोस कारण के निजी बैंकों में कई खाते खुलवा रखे हैं। भ्रष्टाचार या मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर शिकंजा कसा जाएगा।
सरकारी भवनों पर सोलर पैनल अनिवार्य
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रदेश को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सौर ऊर्जा पर जोर दिया है। उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी कार्यालयों की छतों पर सोलर पैनल लगाना अनिवार्य होगा।
हरियाणा को सौर ऊर्जा में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार ने सुस्त गति से काम करने वाले विभागों को चेतावनी दी है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले सर्किलों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार देने पर भी विचार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में मंत्री इस संबंध में समीक्षा बैठक कर कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे।

