अंबाला। अंबाला में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 और राष्ट्रीय राजमार्ग 152 के संगम के पास देवीनगर फ्लाईओवर पर दो लावारिस सीसीटीवी कैमरे मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में चिंता बढ़ गई है। जांच के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इसे संभावित साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली बातें
कैमरों की जांच के दौरान पता चला कि इन्हें चलाने के लिए सोलर प्लेट का इस्तेमाल किया गया था। एक कैमरे में वीआई कंपनी का सिम कार्ड भी मिला, जिससे यह आशंका और गहरा गई कि इनका इस्तेमाल डेटा ट्रांसमिशन या निगरानी के लिए किया जा रहा था। किसी भी सरकारी विभाग ने इन कैमरों की जिम्मेदारी नहीं ली, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया।
मौके पर जांच के दौरान हुआ खुलासा
यह मामला उस समय सामने आया जब एएसआई रविश कुमार एक सड़क दुर्घटना की जांच के लिए मौके पर पहुंचे थे। फ्लाईओवर पर लगे कैमरों को देखकर उन्हें शक हुआ और उन्होंने संबंधित विभागों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद कैमरों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई।
संवेदनशील क्षेत्र होने से बढ़ी गंभीरता
अंबाला का यह इलाका पहले से ही संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यहां सेना की यूनिट्स और एयरफोर्स स्टेशन मौजूद हैं, जहां Dassault Rafale जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान तैनात हैं। ऐसे में संदिग्ध कैमरों की मौजूदगी को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
इससे पहले दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने अंबाला में एक जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया था, जिसमें सोलर पावर से चलने वाला कैमरा बरामद हुआ था। इससे यह मामला और भी अहम हो जाता है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता धारा 152 (देश की संप्रभुता और अखंडता को खतरा) भारतीय न्याय संहिता धारा 61 (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिक जांच के आधार पर यह मामला सामान्य नहीं लग रहा। कैमरों की तकनीक और उनकी लोकेशन को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

