अजय सैनी, भिवानी। आज के दौर में जहां लालच और स्वार्थ हावी है, वहीं हरियाणा रोडवेज के एक कर्मचारी ने अपनी ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है। बस कंडक्टर वजीर सिंह ने यात्री का खोया हुआ सोने का मंगलसूत्र लौटाकर न केवल एक परिवार की खुशियां लौटाईं, बल्कि विभाग का मान भी बढ़ाया है।
जानकारी के अनुसार, भिवानी निवासी और युवा समाजसेवी अमरदीप लाड़वाल अपनी पत्नी के साथ सोनीपत से भिवानी का सफर कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बसें और ऑटो बदले। घर पहुंचने पर उन्हें पता चला कि पत्नी का कीमती मंगलसूत्र गायब है। कई जगह वाहन बदलने के कारण मंगलसूत्र कहां गिरा, यह पता लगाना लगभग नामुमकिन था। लाडवाल दंपति के लिए यह गहना एक बड़ी पूंजी और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक था।
बस की सफाई के दौरान मिला मंगलसूत्र
दूसरी ओर, ड्यूटी पर तैनात गांव तालु निवासी कंडक्टर वजीर सिंह को बस की सफाई के दौरान यह मंगलसूत्र मिला। वजीर सिंह ने बिना किसी लालच के उसे सुरक्षित रख लिया और सही मालिक का इंतजार करने लगे। जब समाजसेवी अमरदीप ने रोडवेज विभाग से संपर्क किया, तो उन्हें पता चला कि वजीर सिंह को एक आभूषण मिला है। उचित पहचान और तसल्ली करने के बाद वजीर सिंह ने मंगलसूत्र ससम्मान दंपति को सौंप दिया।
लाड़वाल परिवार ने वजीर सिंह का व्यक्त किया आभार
कंडक्टर वजीर सिंह ने कहा कि मंगलसूत्र मिलने के बाद उनका पहला कर्तव्य उसे असली मालिक तक पहुंचाना था, क्योंकि किसी की मेहनत की कमाई पर किसी और का हक नहीं होता। वहीं, लाड़वाल परिवार ने वजीर सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी ईमानदारी आज के समय में विरले ही देखने को मिलती है। वजीर सिंह का यह कार्य समाज और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

