अजय सैनी ,भिवानी।हरियाणा की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बार फिर जोरदार मांग उठी है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन विकास मंच ने भिवानी जिले के तोशाम क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की पहल तेज कर दी है।
पर्यटन विकास मंच के चेयरमैन राजेश गारनपुरा ने कहा कि तोशाम न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि धार्मिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र महाभारत कालीन अवशेषों, प्राचीन शिलालेखों और मध्यकालीन ऐतिहासिक निशानियों से समृद्ध है, जो इसकी प्राचीन सभ्यता की गवाही देते हैं।
यह स्थान लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र
उन्होंने विशेष रूप से सिद्ध पीठ बाबा मुंगीपा धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थान लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसे वैश्विक पहचान दिलाना आवश्यक है।
तोशाम की पहाड़ियां हरियाणा की सबसे ऊँची श्रृंखलाओं में शामिल
गारनपुरा ने यह भी कहा कि तोशाम की पहाड़ियां हरियाणा की सबसे ऊँची श्रृंखलाओं में शामिल हैं, जहां ऐतिहासिक धरोहरें आज भी सुरक्षित हैं। यदि इन स्थलों को संरक्षित कर विकसित किया जाए तो यह क्षेत्र पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है।
इस अवसर पर मंच ने राज्य सरकार से मांग की कि हरियाणा में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया जाए। उनका कहना है कि इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय युवाओं को होटल, गाइडिंग और परिवहन जैसे क्षेत्रों में लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल आर्थिक विकास का साधन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम है।
विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने योजना तैयार
मंच ने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया है कि तोशाम की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए।
तोशाम को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की यह मांग केवल एक क्षेत्रीय पहल नहीं, बल्कि हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का एक व्यापक अभियान माना जा रहा है।

