कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (GJV) मामले को लेकर आज जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने अपने साथियों के साथ पहुंचकर चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने खुद पर हुए कथित जानलेवा हमले को प्लांड स्ट्रेटजी बताते हुए पुलिस ओर सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।

जान से मारने का आरोप
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें मारने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि जब वे अपने साथियों के साथ गाड़ियों में सवार होकर सिटी थाना से एसपी ऑफिस जा रहे थे तो बीच रास्ते में कुछ पुलिस वालों ने उनकी गाड़ी रोककर उन्हें धमकाया और हथियार दिखाए।

मामूली विवाद पर गंभीर धाराएं
उन्होंने कहां कि पुलिस जानबूझकर उनकी पार्टी के नेताओं को परेशान कर रही है। वीसी ऑफिस के बाहर जो हुआ वह सामान्य घटना थी, पार्टी कार्यकर्ता वीसी को केवल ज्ञापन सौंपने गए थे। पुलिस ने उन्हें जाने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान जो विवाद हुआ उसमें किसी को नुकसान नहीं हुआ, केवल दो गमले टूटे उसके बाद भी पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराएं लगाई।

पुलिस कार्यवाही पर सवाल
दुष्यंत चौटाला ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना महिला पुलिसकर्मियों के पुलिस ने रात में उनके कार्यकर्ताओं के घरों में घुसकर परिवार की महिलाओं से बदसलूकी की।

पुलिस पर दबाव में काम करने का आरोप
दुष्यंत ने पुलिस पर सरकार के दवाब में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिकायत देने के 24 घंटे के बाद भी पुलिस ने अबतक उनकी FIR दर्ज नहीं की। पुलिस ने उनके 8 नेताओं ओर कार्यकर्ताओं के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है उसकी कॉपी भी पुलिस ने उन्हें नहीं दी।

साक्ष्य मिटाने का आरोप
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनके साथ पुलिस प्रशासन ने जो किया वह सबकुछ मौके पर लगे सीसीटीवी फुटेज में दर्ज है। उन्हीं के आधार पर वे कार्रवाई की मांग कर रहे है। पुलिस अब खुद को बचाने के लिए लोगों के घरों में लगे CCTV फुटेज डिलीट करने का प्रयास कर रही है।

खुली चेतावनी
उन्होंने सरकार को खुली चेतावनी जारी की है। उन्होंने 24 घंटे में FIR दर्ज करने, एसपी हिसार को हटाने और मामले की जांच होम सेक्रेट्री की निगरानी में एडीजी रैंक के अधिकारी से कराने की मांग सरकार से की है। सोमवार तक मांग पूरी नहीं होने पर सड़क की लड़ाई लड़ने और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।