नवोदित, कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के पिहोवा क्षेत्र स्थित स्याणा सैदां गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गांव के तालाब में एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ।

शव करीब 5 दिन पुराना बताया जा रहा है, जो पानी में रहने के कारण बुरी तरह गल चुका था।

पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए एक सामाजिक संस्था को सौंप दिया है।

ग्रामीणों ने दी पुलिस को सूचना

जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ लोग रात के समय तालाब की ओर गए थे, जहां झाड़ियों के बीच उन्हें एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।

टॉर्च जलाकर देखने पर पता चला कि वह किसी नवजात का शव है। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना सरपंच और पुलिस को दी। सदर थाना पिहोवा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया।

जलीय जीवों ने शरीर को पहुँचाया नुकसान

शुरुआती जांच और हालात को देखकर अंदेशा जताया जा रहा है कि जन्म के तुरंत बाद ही नवजात को तालाब में फेंक दिया गया था।

लंबे समय तक पानी में रहने के कारण जलीय जीवों ने शव को कई जगह से नोंच दिया था, जिससे शरीर के कई अंग क्षत-विक्षत हो गए थे।

अंगों की स्थिति इतनी खराब थी कि प्रथम दृष्टया यह पता लगा पाना मुश्किल था कि नवजात लड़का था या लड़की।

फोरेंसिक जांच और कानूनी कार्रवाई

फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. गौरव कौशिक ने बताया कि नवजात की डिलीवरी का समय पूरा हो चुका था। हालांकि, गला-सड़ा होने के कारण मौत के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है।

पुलिस ने DNA सैंपल रखा सुरक्षित

पुलिस ने मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए पैर की हड्डी का सैंपल ‘डायटम टेस्ट’ (पानी में डूबने की पुष्टि के लिए) और पहचान के लिए DNA सैंपल सुरक्षित रख लिया है।

थाना सदर पिहोवा के एसआई हंस राज ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फोरेंसिक टीम के साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।