चंडीगढ़। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (GJU) में हुई घटना ने अब पूरी तरह से सियासी रंग ले लिया है। इस मामले को लेकर जननायक जनता पार्टी (JJP) और भाजपा आमने-सामने हैं। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए निकट भविष्य में भी किसी पक्ष के पीछे हटने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर आज पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा।

वीसी ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप
मामले की जांच कर रहे हिसार के डीएसपी कमलप्रीत के अनुसार, जेजेपी नेता दिग्विजय सिंह चौटाला ने अपने समर्थकों के साथ कुलपति (VC) कार्यालय में तोड़फोड़ की और प्रशासन के साथ अभद्र व्यवहार किया। पुलिस ने इस मामले में कुल 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
दुष्यंत चौटाला के आरोपों पर पुलिस की सफाई
डीएसपी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा सीआईए (CIA) टीम पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। गौरतलब है कि चौटाला ने आरोप लगाया था कि सीआईए टीम ने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की और उन पर हथियार ताने। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए डीएसपी ने कहा कि सीआईए टीम केवल दुष्यंत चौटाला के काफिले की पायलट गाड़ी के चालक को हिदायत देने के लिए रुकी थी, जो गलत तरीके से ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था।
SIT करेगी निष्पक्ष जांच
डीएसपी कमलप्रीत ने जानकारी दी कि पुलिस को दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जेजेपी की चेतावनी
दूसरी ओर, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला अपने आरोपों पर कायम हैं। उन्होंने प्रशासन को सोमवार तक का अल्टीमेटम देते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है। चौटाला ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे जनता की अदालत और न्यायपालिका की शरण में जाएंगे।
