कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संसद में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” से जुड़े विधेयकों का विरोध कर विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में रोड़े अटकाने का काम किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां वर्षों से महिला आरक्षण के नाम पर केवल दिखावा करती रही हैं और जब महिलाओं को वास्तविक अधिकार देने का समय आया, तब उन्होंने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इसका विरोध किया।
संसद की कार्यवाही पर सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में जो कुछ हुआ, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ था और इससे देश की आधी आबादी के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों का असली चेहरा सामने आ गया है और ये महिलाएं सशक्त हों, यह नहीं चाहतीं।
क्या है पूरा विधेयक मामला
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए थे, जिनका उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी बनाना था। इस अधिनियम के तहत महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है, लेकिन इसे जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि इन प्रक्रियाओं का इंतजार किया जाता, तो वर्ष 2029 के आम चुनावों में भी महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाता। इसी कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने इसे जनगणना की शर्त से अलग करने का निर्णय लिया।
मोदी सरकार का स्टैंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का स्पष्ट मानना है कि महिलाओं की भागीदारी कोई दया नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस अधिकार को देने से डरता है, क्योंकि महिलाओं के सशक्त होने से परिवारवाद की राजनीति कमजोर हो जाएगी।
परिसीमन और सीट बढ़ाने पर स्पष्टीकरण
परिसीमन को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने भ्रम फैलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में स्पष्ट किया है कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा और सभी राज्यों में सीटों की समान रूप से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि देश की बढ़ती आबादी को देखते हुए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना आवश्यक है और यह कदम सभी राज्यों के हित में है।
कांग्रेस पर दोहरी नीति का आरोप
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने पहले भी महिला आरक्षण को बहानों के जरिए टालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों के प्रति संवेदनशील नहीं रहा है और वह हर उस निर्णय का विरोध करती रही है, जो देश को आगे ले जाने वाला होता है।
महिलाओं की भागीदारी पर जोर
उन्होंने कहा कि आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और नेतृत्व कर रही हैं, ऐसे में संसद में उनकी भागीदारी से डरना विपक्ष की मानसिकता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों पर राजनीति करने वालों को देश की महिलाएं आने वाले समय में अपने वोट की ताकत से जवाब देंगी।
किसानों पर भी दिया अपडेट
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उनके अधिकार सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने मंडियों में फसल उठान को लेकर भी कहा कि सरकार ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर रखी हैं और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

