नवीन शर्मा, हांसी। नगर परिषद के बीड़ फॉर्म स्थित डंपिंग स्टेशन पर पड़े कचरे के ढेर में सोमवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और धुएं का काला गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन के कचरा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है।

दमकल कर्मियों की हड़ताल और संसाधनों की कमी
आग लगने के बाद हालात तब और गंभीर हो गए जब पता चला कि फायर ब्रिगेड कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सूचना के काफी देर बाद डायल 112 और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीन गाड़ियां मौके पर तो आईं, लेकिन उनमें पानी की कमी के कारण आग बुझाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल विभाग की सुस्ती और संसाधनों के अभाव ने किसानों की चिंता को दोगुना कर दिया।

गेहूं की 1000 एकड़ फसल पर मंडराया खतरा

डंपिंग स्टेशन के ठीक पास करीब 1000 एकड़ में गेहूं की पकी हुई फसल तैयार खड़ी है। आग की ऊंची लपटें देख किसानों के होश उड़ गए। दमकल की देरी देख किसानों ने खुद मोर्चा संभाला और ट्रैक्टर व अन्य मशीनों की मदद से आग के करीब वाली फसल की कटाई शुरू कर दी, ताकि आग खेतों तक न पहुंच सके। शाम 5 बजे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

PMO से लेकर NGT तक पहुंची शिकायत

कूड़ा संघर्ष समिति के प्रधान डॉ. संदीप चहल और किसानों ने बताया कि वे इस डंपिंग स्टेशन को यहां से हटाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक शिकायत भेज चुके हैं। वर्तमान में यह मामला एनजीटी (NGT) कोर्ट में भी विचाराधीन है। किसानों का कहना है कि हर साल फसल के समय यहां आग लगने की घटना उनकी मेहनत और आजीविका के लिए बड़ा खतरा बनी रहती है।