पटना। राजधानी में नशे के सौदागरों के खिलाफ पटना पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया है। विशेष अभियान के तहत पुलिस ने पूर्वी क्षेत्र के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप जब्त किया है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने एक गोदाम मालिक और एक ऑटो चालक को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

​गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल

​इस कार्रवाई की शुरुआत चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस को मिली एक गुप्त सूचना से हुई। पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक टेंपो के जरिए प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाई जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित जाल बिछाया और सुरेश कुमार नामक व्यक्ति को टेंपो सहित दबोच लिया। शुरुआती तलाशी में वाहन से 5 कार्टन कफ सिरप बरामद किए गए।

​निशानदेही पर खेमनी चक

​गिरफ्तार ऑटो चालक सुरेश कुमार से कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस को इस अवैध धंधे के बड़े नेटवर्क का पता चला। उसकी निशानदेही पर रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के खेमनी चक स्थित एक मकान पर धावा बोला गया, जहां से 30 कार्टन सिरप बरामद हुए। कार्रवाई का सिलसिला यहीं नहीं थमा; चौक थाना पुलिस ने एक अन्य गोदाम पर छापेमारी कर 84 कार्टन (लगभग 12,000 बोतलें) जब्त कीं। यहां से पुलिस ने मकान मालिक राकेश रंजन को भी गिरफ्तार कर लिया है।

​1.20 करोड़ की खेप और हिमाचल प्रदेश का कनेक्शन

​पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस पूरी छापेमारी के दौरान कुल 16,130 बोतलें (119 कार्टन) जब्त की गई हैं। अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार में इस अवैध स्टॉक की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये आंकी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि बरामद की गई सभी दवाएं हिमाचल प्रदेश में निर्मित हैं, जो बिहार में प्रतिबंधित होने के बावजूद तस्करी के जरिए लाई गई थीं।

​पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी पुलिस

​पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने इस काले कारोबार के कई अहम राज उगले हैं। इस नेटवर्क में मनजीत कुमार, नीरज कुमार और रवि जैसे कई अन्य सफेदपोश नाम शामिल हैं, जो भंडारण और बिक्री की कमान संभालते हैं। पुलिस अब इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस पूरे सिंडिकेट के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ को तोड़ना है ताकि नशे की इस सप्लाई चेन को जड़ से खत्म किया जा सके।